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हिंदू हमारी राष्ट्रीयता की पहचान:सरसंघचालक परम पूज्य डा. मोहन भागवत

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हिंदू हमारी राष्ट्रीयता की पहचान: राष्ट्रीय स्वयंसेवक  संघ के सरसंघचालक परम पूज्य डा. मोहन राव भागवत                नई दिल्ली, 24 फरवरी. राष्ट्रीय स्वयंसेवक  संघ के सरसंघचालक डा. मोहन राव भागवत ने हिंदू शब्द को संकुचित मानने के लिये हिंदुओं को समान रूप से दोषी मानते हुए कहा है कि यह स्थिति आत्मविस्मृति के कारण पैदा हुई है. उन्होंने कहा कि हिंदुत्व हमारा राष्ट्र-तत्व और हिंदू हमारी राष्ट्रीयता की पहचान है. विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में पूर्व राजनयिक ओपी गुप्ता की पुस्तक ‘डिफाइनिंग हिंदुत्व’  का विमोचन करने के बाद अपने उद्बोधन में परमपूज्य सरसंघचालक ने कहा कि वस्तुत: हिंदू शब्द अपरिभाष्य है, क्योंकि यह वह जीवन पद्धति है, जो परम सत्य के अन्वेषण के लिये सतत तपशील रहती है. इसकी विशेषता यह है कि यह सबको अपना मानता है. साथ ही, उन्होंने कहा कि शास्त्र विस्मरण के बाद हिंदू समाज रूढ़ि से चलने लगा, अतएव अब हिंदू शब्द के सर्वार्थ से समाज को परिचित कराना आवश्यक है. उन्होंने हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार पं. हजारी प्रसाद व्दिवेदी को उद्धृत करते हुए कहा कि हिंदू शब्द यहीं से संसार के कोने-को