केजरीवाल को केवल सत्ता की फिक्र : अन्ना हजारे




------

केजरीवाल को केवल सत्ता की फिक्र : अन्ना  हजारे 

17 Feb 2014
http://www.prabhatkhabar.com/news/90609-Anna--Kejriwal-country-and-society-concerned-about-power.html
        नयी दिल्ली:अन्ना हजारे ने दिल्ली के पूर्व मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि अब उन्हें देश और समाज की चिंता नहीं है. उन्हें केवल अब सत्ता की फ्रिक्र है. वे जनलोकपाल को लेकर गंभीर नहीं हैं. यदि ऐसा रहता तो जनलोकपाल पर वे भाजपा और कांग्रेस से बात कर सकते थे. लेकिन ऐसा उन्होंने करना उचित नहीं समझा. उन्हें केवल सत्ता प्राप्त करने की फिक्र है.

अन्ना हजारे ने कहा कि केजरीवाल ने जनता के सामने सबूत रखना चाहिए, जनता को जानकारी देने चाहिए कि कोई नेता भ्रष्टाचारी क्यों है. आम आदमी पार्टी द्वारा जारी की गई भ्रष्ट अधिकारियों की लिस्ट पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में अन्ना ने यह कहा. अन्ना ने कहा कि आप पार्टी द्वारा जारी लिस्ट से सहमत नहीं है. उन्होंने कहा कि हवा में आरोप लगाने से कुछ होने वाला नहीं है.

वहीं, हाल ही में आप पार्टी द्वारा अन्ना हजारे से आशीर्वाद मिलने की बात पर अन्ना हजारे ने साफ कर दिया कि उन्होंने अरविंद केजरीवाल और आप पार्टी को कोई आशीर्वाद नहीं दिया है. अन्ना का कहना है कि मेरा आशीर्वाद देश की भलाई करने वालों के साथ है. उन्होंने दिल्ली की पूर्व अरविंद केजरीवाल सरकार पर आरोप लगाया कि कुछ काट छांटकर जनलोकपाल बिल पास कराया जा सकता था, लेकिन आप पार्टी के दिल में देश नहीं, सत्ता है.

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

चुनाव आयोग को चोर कहना, पूरे शासनतंत्र को अपमानित करना है, संविधान विपक्ष को इस तरह की गिरी हुई हरकतों की अनुमति नहीं देता

एक ईसा, एक बाइबल, लेकिन ईसाइयों में भी हैँ बहुतसारी भिन्नतायें

7 अक्टूबर: मोदीजी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूर्ण

जर्मनी नें आंतरिक सुरक्षा हेतु 10 सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा की

भारत की 80 करोड़ से अधिक आबादी मेटा की पकड़ में है....?

स्टारलिंक Starlink

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

हताश कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके, सड़कों पर अराजकता फैलाकर और जनता को गुमराह करके सत्ता में वापसी करने की कोशिश कर रही है - शिवराज सिंह चौहान

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

कांग्रेस की बेतुकी मांग ब्रह्मा भी पूरी नहीं कर सकते, अति तुष्टिकरण के कारण जनता की नजर से उतरी — अरविन्द सिसोदिया