मोदी पीएम बने तो सेना की स्थिति में सुधार संभव - पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह



यह सच हे कि एक राष्ट्रवादी सरकार जब अटलजी के नेतृत्व में बनी थी तो देश ने परमाणु बम की शक्ती प्राप्त की ! नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनाते ही सेना और सीमायें मजबूत होंगी !
-------------------------
मोदी पीएम बने तो सेना की स्थिति में सुधार संभव
Mon, 24 Feb 2014
http://www.jagran.com
भोपाल, नई दुनिया। पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह का कहना है कि अगर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बनते हैं तो सेना की स्थिति में सुधार संभव है। संप्रग सरकार सेना को उस प्रकार की तवज्जो नहीं दे रही है जैसी उसे देनी चाहिए। वे सोमवार को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में अपनी पीएचडी का वाइबा (मौखिक परीक्षा) देने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वे प्रो. कैलाश त्यागी के गाइडेंस में सैन्य विज्ञान में 'जियोस्ट्रेटजी ऑफ वखान' विषय पर पीएचडी कर रहे हैं। वखान अफगानिस्तान का एक इलाका है जिस पर चीन और पाकिस्तान दोनों अपना अधिकार जताते हैं।

वीके सिंह ने खुलकर तो किसी राजनीतिक पार्टी का समर्थन नहीं किया लेकिन इशारों-इशारों में मोदी को प्रधानमंत्री पद का सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार बताते रहे। उन्होंने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े किए। कहा कि केजरीवाल के शासन से देश में एक ही संदेश गया है कि यदि कोई मांग पूरी न हो तो धरने पर बैठ जाओ। अपने कार्यकाल के दौरान सेना के दिल्ली कूच के मुद्दे पर पूर्व सेनाध्यक्ष ने एक बार फिर कहा कि वह एक रूटीन प्रक्रिया थी। इस बात का जिक्र रक्षा मंत्री लोकसभा में दिए भाषण में भी कर चुके हैं। इस मामले को और ज्यादा तूल देना गलत है। उनके मुताबिक, मानसिक रूप से बीमार किसी नौकरशाह ने यह फर्जी कहानी गढ़ी है।

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

हमें वीर केशव मिले आप जबसे : संघ गीत

कहानी - अमर विश्वास

हिंदू नववर्ष 2083 को भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप में मनाये जाने का आव्हान

विष्णु पुराण के अनुसार काल-गणना vishnu puran kal ganana

Pandit Deendayal Upadhyaya : ' A Rashtra Dharmaa'

लोकसभा अध्यक्ष के एआई (AI) जनरेटेड 'डीपफेक' वीडियो पर कांग्रेस संचार विभाग के 9 प्रमुख नेताओं को विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) और सदन की अवमानना (Contempt of House) का नोटिस जारी