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वन रैंक वन पेंशन : काँग्रेस का सच

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OROP पर किस मुंह से सियासत कर रहे हैं राहुल गांधी राहुल गांधी को चाहिए कि मोदी सरकार से सवाल पूछने की बजाय अपनी महान मम्मी से पूछें कि माँ, पापा और दादी ने हमारे जवानों के साथ ऐसा क्यों किया? @piyush.dwiwedi पीयूष द्विवेदी http://www.ichowk.in वन रैंक वन पेंशन का मामला एक बार फिर गरमाया है. गत दिनों एक पूर्व सैनिक राम किशन ग्रेवाल ने कथित तौर पर वन रैंक वन पेंशन की अनियमितताओं के कारण आत्महत्या कर ली. बस इसके बाद से ही इस मामले पर सियासी महकमे में सरगर्मी पैदा हो गई है. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल वगैरह तमाम नेता मृतक सैनिक के परिजनों से मिलने के नाम पर संवेदना की सियासत के दांव आजमाने अस्पताल पहुँच गए. लेकिन दिल्ली पुलिस ने इनमें से किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया. दोनों को गिरफ्तार कर बाहर ही रखा. इस पर दुनिया भर का हो-हल्ला मचाया गया, मगर विपक्षी दलों की सियासी रोटियाँ नहीं सिक सकीं.      वैसे इस आत्महत्या को लेकर कई तरह के सवाल हैं. अब जैसा कि राम किशन के साथियों की मानें तो वे वन रैंक वन पेंशन की अनियमितताओं पर एक पत्

वन रैंक वन पेंशन : जानिए क्या है

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5 सितंबर को रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज पूर्व सैनिकों की करीब 40 साल पुरानी लंबित मांग वन रैंक-वन पेंशन (OROP) का ऐलान कर दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह मांग चार दशकों से लंबित थी। सरकार इसे लागू कर रही है और इस पर 8 से 10 हजार करोड़ का सालाना खर्चा होगा। पूर्व सैनिकों को 1 जुलाई 2014 से इसका लाभ मिलेगा। सैनिकों को 4 किस्‍तों में बकाया पैसा मिलेगा। हालांकि शहीदों के परिवारों को एक किश्‍त में बकाया दे दिया जाएगा। वीआरएस लेने वाले सैनिकों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। हर पांच साल में पेंशन की समीक्षा होगी। पॉजीटिव इंडिया देश का सैनिक ना हो तो देश सुरक्षित नहीं रह सकता है इसलिए शहीदों की शहादत को हर किसी को सलाम करना चाहिए। लेकिन अगर एक सैनिक अपने तन-मन से देशवासियों की रक्षा के लिए कुछ भी करने को तैयार रह सकता है तो देशवासियों के दिलों में उसके लिए इज्जत और सरकार के पास ऐसी योजनाएं होनी चाहिए जिसके जरिये सब को सुरक्षित करने वाले का जीवन और परिवार भी सुरक्षित हो। इसमें किसी को शक नहीं कि सरकार की ओर से उठाया गया यह कदम पॉजीटिव इंडिया की सोच का उदाहरण है। उम्मीद जताई जा सकती है कि इस कदम