क्या वे शनि देव थे kya ve shani dev the

क्या वे शनि देव थे

शनिवार को पार्टी की बैठक थी, 4 के स्थान पर 5 बजे प्रारंभ हुई.....7 बजे समाप्त हुई। घर भी पहुंचना अनिवार्य था, पत्नी पेरलिक है। तुरत फुरत में घंटाघर के शनि देव के दर्शन किये, आरती की तैयरी चल रही थी। मगर आरती छोड़ दी और सब्ज़ीमंडी बस स्टाप पर आया, बस पूरी तरह खाली थी.... मुझे लगा इसमें तो काफ़ी समय लगेगा। चलो गीता भवन के पास से कोई दूसरा साधन देखते हैं। में वहाँ खड़ा प्रभु स्मरण कर रहा था।

तभी एक बड़े बालों वाला बिलकुल काला युवक मोटर साईकिल से तेज रफ्तार में मेरे पास रुका.... में पीछे हटा... वह बोला.... में अस्पताल जा रहा हूँ... आपको भी छोड़ दूंगा.... मैंने युवा को देखा और जल्दी तो थी ही बैठ गया। वह युवक तेजी से नयापुरा की तरफ बड़ा.... उसने कहा आप स्टेशन जाओगे... मैनें कहा हाँ... मगर तुम तो मुझे नयापुरा उतार दो.... में चला जाऊंगा।

उसने कहा में आपको ठेठ स्टेशन पहुंचाऊंगा। जो भी बस मिलेगी वह आपको बिना पैसे स्टेशन उतारेगी। नयापुरा में बस ख़डी थी, उसने कहा आपको स्टेशन उतार देना, किराया मत लेना... बस कंडक्टर नें हाँमी भरी और वह युवक चला गया....।

में रास्ते भर सोचता रहा कि कैसा संयोग है जान न पहचान....पूरा सम्मान....
घर पहुँच कर कामों को सम्पन्न किये... अभी तक सोच रहा हूँ कि वह था कौन....?

मन कहता है कहीं शनि देव भगवान तो नहीं थे.....

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

विष्णु के अवतार ' नरसिंह भगवान '

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को अपमानित करने वालों पर रासुका जैसा कठोर एक्शन हो - अरविन्द सिसोदिया

कविता - युगों युगों में एक ही मोदी आता है - अरविन्द सिसोदिया

खुद मोदी जैसा बन करके , मातृभूमि का तेज बनें

खींची राजवंश : गागरोण दुर्ग

योगिराज श्यामा चरण लाहिरी महाशय Yogiraj Shyama Charan Lahiri Mahasaya

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान