बांग्लादेश : 30 प्रतिशत थे हिंदू, अब घटकर 9 प्रतिशत रह गए
Bangladesh Violence: तसलीमा नसरीन बोलीं- ‘जिहादिस्तान’ बनता जा रहा है बांग्लादेश, मदरसे फैला रहे हैं नफरत पीटीआई, नई दिल्ली। Published by: अजय सिंह Updated Tue, 19 Oct 2021 02:07 PM IST सार तसलीमा को 1993 में उनके चर्चित उपन्यास ‘लज्जा’ के प्रकाशन के बाद बांग्लादेश से निष्कासित कर दिया गया था। अयोध्या के विवादित ढांचे तोड़ने के बाद बांग्लादेश में हिंदू विरोधी दंगों की पृष्ठभूमि में उन्होंने ‘लज्जा’ लिखी थी। विस्तार बांग्लादेश में हिंदू विरोधी हिंसा की घटनाओं से क्षुब्ध मशहूर लेखिका तसलीमा नसरीन ने कहा है कि उनका देश अब ‘जिहादिस्तान’ बनता जा रहा है। सरकार अपने सियासी फायदे के लिए मजहब का इस्तेमाल कर रही है और मदरसे कट्टरपंथी पैदा करने में लगे हैं। बांग्लादेश से 28 वर्ष पहले निष्कासित तसलीमा ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा कि मैं अब इसे बांग्लादेश नहीं कहती। यह जिहादिस्तान बनता जा रहा है। सभी सरकारों ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का इस्तेमाल किया। उन्होंने इस्लाम को राजधर्म बना दिया जिससे वहां हिंदुओं और बौद्धों की स्थिति दयनीय हो गई है। पिछले सप...