संदेश

कर्मयोद्धा देशभक्त मोदी जी के लिये राष्ट्र सर्वोपरी है ,बेटे और देश, दोनों का फर्ज किया पूरा - अरविन्द सिसोदिया pm-narendra-modi-flags-off-vande-bharat-express

चित्र
              मां की अंत्येष्टि के ठीक बाद नई वंदे एक्सप्रेस भारत का उद्घाटन, PM मोदी ने बेटे और देश, दोनों का फर्ज किया पूरा कर्मयोद्धा देशभक्त मोदी जी के लिये राष्ट्र सर्वोपरी है - अरविन्द सिसोदिया देश में तीन अवसर इस तरह के हैं जिनमें देश के नायकों नें अपने प्रिय परिजनों से अधिक महत्व कार्यों को दिया । इनमें सर्व प्रथम सरदार वल्लभ भाई पटेल का जिक्र आता है, जब वे अपने पक्षकार के लिये बहस कर  रहे थे उनहे तार मिला कि उनकी पत्नि का निधन हो गया, उन्होनें तार को बस्ते में रखलिया और बहस पूरी की, पक्षकार को न्याय दिला कर अपना कर्त्तव्य पूरा किया। तहां तक मुझे याद आता है कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिताजी का निधन हुआ और उस समय योगी जी की आवश्यकता उत्तरप्रदेश को अधिक थी, वे दाह संस्कार में नहीं पहुंच कर प्रदेश की सेवा करते रहे। नरेन्द्र मोदी जी की माताजी का आक्समिक निधन हो गया, प्रधानमंत्री मोदी जी अंतिम संस्कार में सम्मिलित हुये और उसी दिन उन्होनें पश्चिम बंगाल के कार्यक्रम वर्चअल माध्यम से अटेंड किये। उन्होनें अ...

अनसुने को सुनने की क्षमता ही श्रेष्ठ प्रशासक की निशानी है Good governance

चित्र
वो सुनो जो कभी नहीं सुना गया हो बहुत समय पहले की बात है,नयासर के एक राजा ने अपने बेटे को अच्छा शासक बनाने के उद्देश्य से गुरु जी के पास भेजा। गुरु जी ने कुछ दिन अपने साथ रखने के बाद युवराज गुर्वित को एक साल के लिए जंगल में अकेले रहने के लिए भेज दिया। जब युवराज गुर्वित लौटे तो गुरु जी ने पूछा, "बताओ तुमने जंगल में क्या सुना?" "मैंने कोयल की कूक सुनी, नदियों की कल-कल सुनी, पत्तियों की सरसराहट सुनी, मधुमक्खियों की गुंजन सुनी, मैंने झींगुरों का शोर सुना, हवा की धुन सुनी…" युवराज अपना अनुभव सुनाता चला गया। जब युवराज गुर्वित ने अपनी बात पूरी कर ली तब गुरु जी बोले, "अच्छा है, अब तुम एक बार फिर जंगल जाओ और जब तक तुम्हे कुछ नयी आवाजें ना सुनाई दे दें तब तक मत लौटना। एक साल जंगल में बिताने के बाद युवराज अपने राज्य को लौटना चाहता था, पर गुरु जी की बात को टाल भी नहीं सकता था, इसलिए वह बेमन ही जंगल की ओर बढ़ चला। कई दिन गुजर गए पर युवराज को कोई नयी आवाज़ नहीं सुनाई दी। वह परेशान हो उठा। उसने निश्चय किया कि अब वह हर आवाज़ को बड़े ध्यान से सुनेगा! फिर एक सुबह उसे कुछ अनजानी सी आव...

खुर्शीद की खुशामद,स्वार्थ की कवायत - अरविन्द सिसौदिया

चित्र
     खुर्शीद की खुशामद,स्वार्थ की कवायत अनुभवी खुर्शीद जानते हैं कि कांग्रेस के असली नेता राहुल ही हैं और खड़गे कुछ समय के महमान कांग्रेस मूलतः ब्रिटिश गवरमेन्ट के द्वारा स्थापित करवाई गई पार्टी है, जिसका मकसद ब्रिटिश भक्त भारतीय तैयार करना था। जब भी इस पार्टी में प्रखर अंग्रेज विरोधी, प्रखर राष्ट्रभक्त, प्रखर हिन्दू वादी या भारत का भला चाहने वाले उभरे तो उन्हे  बडी निर्दता से विफल किया गया । वहीं कांग्रेस में हिन्दू विरोधी नेताओं का बहुत सम्मान रहा है । स्वतंत्रता के संघर्ष में भी प्रखर हिन्दू वादी नेता बालगंगाधर तिलक को मुख्यधारा से अलग कर उनके स्थान पर दक्षिण अफ्रिका से मोहनदास करमचन्द गांधी को आयात कर स्थापित करनें में ब्रिटिश सरकार का बहुत बडा षडयंत्र था। योजनापूर्वक तिलक को जेल में डाल दिया गया था । यह लम्बी कहानी है, कई भागों में चलने वाले उपन्यासों की तरह। कांग्रेस के बडे नेता और उत्तरप्रदेश की मुस्लिम राजनीति में सक्रीय पूर्व केन्द्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद अपने उलझे बयानों के लिये विख्यात हैं। हाल ही में उन्होनें दो विवादास्पद बयान दिये है। जो तथाकथित गांधी प...

हीरे से प्रधानमंत्री मोदीजी की जननी मातेश्वरी हीराबेन का निधन , अपूर्णीय क्षति - अरविन्द सिसौदिया

चित्र
एक मां अपने बच्चे के लिए पूरी दुनिया होती है। मोदी जी की माता जी के देवलोकगमन से असहनीय ओर अपूर्णीय क्षति हुई है। यह वह माता जी थी जिन्होंने देश को एक युग परिवर्तनकारी पुत्र में संस्कारों का संचार किया था । परमपिता परमेश्वर माता जी की आत्मा को शांति प्रदान करे और अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें। जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी की माताजी हीराबेन के देहावसान की खबर लगी... लगा कि आज तो उनका पार्थिव शरीर कही अंतिम दर्शन के लिए रखा जायेगा.....!  फिर जैसा अन्य राजनेताओं के परिवार जन की मृत्यु में होता है राजसी तरीके से अंतिम संस्कार होगा......!! पूरा अंतिम संस्कार का कार्यक्रम सियासी हो जाएगा लेकिन ऐसा सोचते सोचते टेलीविज़न ऑन.....! देखा मोदीजी और उनके भाई सहित परिवार जन तो माँ के पार्थिव शरीर को बिल्कुल सामान्य तरीके से लेकर  श्मशान पंहुच चुके है!  मतलब इतनी सामान्यता तो मध्यम आम लोगो के परिवारों में नही देखने को नही मिली। चित्र देखकर विश्वास नही होता कि विश्व के इतने बड़े नेता अपनी माँ को सामान्य.....बाँस और घास की अर्थी को कंधा देकर चल रहे है इतनी सादगी से विदा कर र...

एकात्म हिन्दू बनो अभियान ekatma hindu bano abhiyan

चित्र
* एकात्म हिन्दू बनो  अभियान, क्यों जरूरी.... समझें और जुड़ने के लिये संस्थापक अरविन्द सिसोदिया से 9414180151 से जुड़ें...... अपने अपने जिलों में कार्यविस्तार करें....। होड़ लगी है पूरे देश में... महाराणा प्रताप को राजपूत बताने की, शिवाजी महाराज को मराठा बताने की, महाराजा सूरजमल को जाट बताने की, सरदार वल्लभ भाई पटेल को पाटीदार बताने की, पर कोई भी यह नहीं कह रहा है कि ये सब #हिन्दू थे। मां भवानी केवल मराठा हो गई, वीर तेजाजी केवल जाट हो गए, मां करणी केवल ठाकुर हो गयी, भगवान देवनारायण केवल गुर्जर रह गये, महर्षि वाल्मीकि केवल शुद्र हो गए, भगवान राम केवल क्षत्रिय हो गए, भगवान कृष्ण केवल यादव हो गए, भगवान शिव केवल वनवासी हो गए, महिषासुर उनका भगवान बन गया, रावण उनका देवता बन गया, माँ सीता केवल महिला बन गईं, महर्षि मनु केवल अत्याचारी बन गए, महात्मा बुद्ध केवल कर्मकांड विरोधी हो गए, गुरु नानक देव केवल सिख हो गए, महावीर स्वामी केवल जैन हो गए, और तो और भगवान परशुराम ब्राह्मण हो गए! पर एक बात बताओ? क्या हम हिन्दू पतन की और नहीं जा रहे ? ध्यान रहे ! संगठित रहो, एकजुट रहो ! बिखरे रहोगे तो, मसल दिए जाओग...

ईश्वर से संबंध का महत्व best relationship with God

चित्र
संबंधों का महत्व होता है, यदि ईश्वर से संबंध बन जाएँ तो क्या कहने। शरीरी अस्तित्व से लाखों गुणा ज्यादा सूक्ष्म शरीरी जीवन हैं। शरीर से अलग होने पर भी आत्मा एक एक विराट विश्व में विचरण करती है, जिससे हम अनजान हैं। आध्यात्म जगत हमें उन्ही रहस्यों का कुछ परिचय करवाता है।  💫💦 *परमात्मा से सम्बन्ध* 💫💦 एक बार एक पंडित जी ने एक दुकानदार के पास पांच सौ रुपये रख दिए। उन्होंने सोचा कि जब मेरी बेटी की शादी होगी तो मैं ये पैसा ले लूंगा। कुछ सालों के बाद जब बेटी सयानी हो गई, तो पंडित जी उस दुकानदार के पास गए। लेकिन दुकानदार ने नकार दिया और बोला- आपने कब मुझे पैसा दिया था? बताइए! क्या मैंने कुछ लिखकर दिया है? पंडित जी उस दुकानदार की इस हरकत से बहुत ही परेशान हो गए और बड़ी चिंता में डूब गए। फिर कुछ दिनों के बाद पंडित जी को याद आया, कि क्यों न राजा से इस बारे में शिकायत कर दूं। ताकि वे कुछ फैसला कर देंगे और मेरा पैसा मेरी बेटी के विवाह के लिए मिल जाएगा। फिर पंडित जी राजा के पास पहुंचे और अपनी फरियाद सुनाई। राजा ने कहा- कल हमारी सवारी निकलेगी और तुम उस दुकानदार की दुकान के पास में ही खड़े रहना। दूस...

गड्डे में फंसी कार की तरह राजस्थान सरकार, इससे मुक्ति ही एकमात्र उपाय - सिसोदिया

चित्र
गड्डे में फंसी कार की तरह राजस्थान सरकार, इससे मुक्ति ही एकमात्र उपाय - सिसोदिया राजस्थान में, गहलोत सरकार के कुर्सी युद्ध के चरम संघर्ष के साथ विदा हुआ 2022 तू तू - में में मे गुजार दिए चार साल, इनकी विदाई में ही राजस्थान की भलाई - अरविन्द सिसोदिया राजस्थान में 17 दिसंबर 2018 को तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलेट से, अशोक गहलोत नें हाई कमान के अन्याय पूर्ण निर्णय से मुख्यमंत्री की कुर्सी छीन ली थी, सचिन कुर्सी के ऊपर पहुंच कर भी नहीं बैठ पाये। तब से चल रहे  इस कुर्सी की छिना छपटी का युद्ध और राजनैतिक नूरा कुश्ती लगातार बनी हुई है। इस सरकार के तब बनाये गये उप मुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलेट नें इस दौरान पार्टी और सरकार से बगावत भी की। लेकिन कोई हल नहीं निकला,  4थे वर्ष की समाप्ति पर भी यह कुर्सी युद्ध यथावत बना हुआ है।  सन 2022 नें तो इस संघर्ष को नया कीर्तिमान दिया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के दौरान भी इस कुर्सी युद्ध नें अपना ऐतिहासिक रंग दिखाया, जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद को ठोकर मार कर, हाई कमान से बगावत करके मुख...

आत्महत्या और दुर्घटनात्मक हत्या मामलों में जिम्मेवार को सजा दें - अरविन्द सिसोदिया accident and suicide murder

चित्र
आत्महत्या और दुर्घटनात्मक मृत्यु के मामलों की जांच, जिम्मेवार को सजा दिलानें तक की होनी चाहिए - अरविन्द सिसोदिया  पिछले दिनों से देखने में आ रहा है कि आत्महत्या और दुर्घटनात्मक मृत्यु  के मामलों में बहुत ज्यादा वृद्धि हुई है, यह भी देखने में आ रहा है कि बहुत सारी आत्महत्यायें एवं दुर्घटनायें  मूलतः हत्या होती थी। जो कि बड़े प्रोफेशनल तरीके से अंजाम दी जाती हैं और आत्महत्या या दुर्घटना दिखा दी जाती  है। जैसे कई मंजिल ऊपर से नीचे फेंक देना, आत्महत्या या दुर्घटना  बता दिया जाता है। एक पुत्र नें अपनी बीमार माँ को छत्त से नीचे फेंक दिया, आत्महत्या करार दे दिया। बाद में कैमरे से खुलासा हुआ कि उसे ऊपर ले जाकर नीचे फेंका गया था। यही बहुओं के आग लगा कर मरनें के मामलों में भी होता है। पानी में डूबने के मामले में भी यह देखा गया है। सड़क दुर्घटनाओं में भी यह फेक्टर काम करता है। दुर्घटना मृत्यु में भी इसी तरह हत्याएं किया जाना पाया जाता है। जैसे - एक आरटीआई एक्टिविस्ट अपने ही घर पर पानी की  टंकी में उल्टा डूबा मिला और उसे प्रथम दृष्टि में दुर्घटना माना गया लेकिन वह अपरोक्ष हत्या थी। मुंबई में विशेषक...

श्रीराम और राम सेतु लाखों वर्ष पूर्व से हैं - अरविन्द सिसोदिया Shri Ram and Ram Setu are from millions of years ago

चित्र
  श्रीराम और राम सेतु लाखों वर्ष पूर्व से हैं - अरविन्द सिसोदिया   Shri Ram and Ram Setu are from millions of years ago यह अनेकों बार हुआ कि कोई भी व्यक्ति कोई भी कम्प्यूटर या सौफटवेयर की आड लेकर , श्रीराम के जन्म के समय को राम सेतु के निर्माण के समय को लेकर कुछ तो भी कह देता है। इस झूठ को फैलाना बंद कीजिये । क्यों कि हिन्दू सनातन के आदि ग्रन्थों में सब कुछ बहुत बहुत स्पष्ट है।  जैसे कि - श्रीराम का जन्म त्रेतायुग में हुआ था । श्रीकृष्ण का जन्म द्वापर युग में हुआ था । अब लगभग 5124 वर्षों से कलयुग है। ------------- श्री कृष्ण का जन्म कितने वर्ष पहले हुआ था ? ईस्वी सन् 2022 के अनुसार , हम पृथ्वी पर पहले मानव के जन्म के बाद 1,96,40,92,872 वर्षों में हैं। चल रहे वर्ष 1,96,40,92,872 - श्रीकृष्ण का जन्म 1,96,40,87,874 वर्ष = 4998 वर्ष। अब तक कलयुग कि कितनी आयु निकल चुकी हैं । इस बारे में आर्यभट्ट कि पुस्तक आर्यभट्टिका के अनुसार कलियुग ईशा से 3102 वर्ष पूर्व शुरू हुआ था। अभी ईशा के बाद 2022 चल रहा हैं अर्थात कलयुग को 5124 साल का समय व्यतित हो गया। इसी तरह भल्लिका तीर्थ पर श्री ...

में नहीं कहूंगा कि जवाहरलाल नेहरू जी अंग्रेजों के क्या थे ? - अरविन्द सिसौदिया controversial statement to : former-pm-atal-bihari-vajpayee

चित्र
  controversial-statement- to-former-pm-atal-bihari-vajpayee में नहीं कहूंगा कि जवाहरलाल नेहरू जी अंग्रेजों के क्या थे ?- अरविन्द सिसौदिया कांग्रेस का दोहरा चरित्र एक बार फिर से उजागर हुआ है, उनकी झूठ की फैक्ट्री से लगातार कई महापुरूषों को अपमानित किया जाता रहा है। पहले सावरकर को अंग्रेजों से क्षमा मांगने वाला बता कर अपमानित करना , अब अटलबिहारी वाजपेयी को अंग्रेजों का जासूस बताया जाना । यह कांग्रेस का पाखण्ड है कि वह खुद को छुपाती है और अपने कलंक को अपने प्रतिद्वंद्वी पर झूठा आरोपित करती है।  ---------- कांग्रेस नेता गौरव पांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) की जयंती पर उनका अपमान किया है। पांधी ने दावा किया कि अटल जी ने ‘ब्रिटिश मुखबिर’ (British Informer) के रूप में काम किया।   AICC के कॉर्डिनेटर गौरव पांधी (AICC Coordinator Gaurav Pandhi) ने यह भी दावा किया है कि “अटल बिहारी वाजपेयी ने नेली नरसंहार (Nellie Massacre) और बाबरी मस्जिद के विध्वंस (Demolition of Babri Masjid) में भीड़ को उकसाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।”  ----...

Being aggressive towards security is the guarantee of survival - Arvind Sisodia

चित्र
  Being aggressive towards security is the guarantee of survival - Arvind Sisodia The government of India's Prime Minister Narendra Modi has come into existence since 2014, since then the whole world has started looking at India with a different respect. India is talking equally to all the powerful and developed countries of the world including America, Russia, China under the leadership of Modi ji. India has been honored in many big organizations and on their forums. He is looked upon with respect. All this was possible due to the aggressive policy of the Modi government towards the interest of the country. One who answers first and then talks. It is a settled fact that rather than defensive measures, aggression is more useful. India is a peace loving country. It is a peaceful culture. It is a peaceful civilization. Wish everyone be happy like this. Runs on the principle of co-ordination and co-existence. The invaders accepted this as India's weakness. Because of this, it had ...

सुरक्षा के प्रति आक्रामक रहना अस्तित्व की गारंटी है - अरविन्द सीसौदिया first reply later came

चित्र
  सुरक्षा के प्रति आक्रामक रहना अस्तित्व की गारंटी है - अरविन्द सीसौदिया Being aggressive towards security is the guarantee of survival - Arvind Sisodia  भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार 2014 से अस्तित्व में आई है तब से ही सारी दुनिया भारत को एक अलग सम्मान की दृष्टि से देखनें लगी है। भारत मोदी जी के नेतृत्व में अमेरिका, रूस, चीन सहित विश्व की तमाम शक्तिशाली एवं विकसित देशों से बराबरी से बात कर रहा है। अनेको बडे संगठनों में और उनके मंचों पर भारत को सम्मान दिया गया है। उसे सम्मान से देखा गया है। यह सब मोदी सरकार की देशहित के प्रति आक्रामकतापूर्ण नीति के कारण संभाव हुआ । जो पहले जबाव और बाद में बात करती है। The government of India's Prime Minister Narendra Modi has come into existence since 2014, since then the whole world has started looking at India with a different respect. India is talking equally to all the powerful and developed countries of the world including America, Russia, China under the leadership of Modi ji. India has been honored in many big organizatio...

अटल बिहारी वाजपेयी : अनमोल विचार Atal Bihari Vajpayee

चित्र
  भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, जीता-जागता राष्ट्रपुरुष है ।   हिमालय इसका मस्तक है, गौरीशंकर शिखा है ।   कश्मीर किरीट है, पंजाब और बंगाल दो विशाल कंधे हैं ।   दिल्ली इसका दिल है । विन्ध्याचल कटि है, नर्मदा करधनी है ।   पूर्वी और पश्चिमी घाट दो विशाल जंघाएं हैं ।   कन्याकुमारी इसके चरण हैं, सागर इसके पग पखारता है ।   पावस के काले-काले मेघ इसके कुंतल केश हैं ।   चांद और सूरज इसकी आरती उतारते हैं, मलयानिल चंवर घुलता है ।   यह वन्दन की भूमि है, अभिनन्दन की भूमि है ।   यह तर्पण की भूमि है, यह अर्पण की भूमि है ।   इसका कंकर-कंकर शंकर है, इसका बिंदु-बिंदु गंगाजल है ।   हम जिएंगे तो इसके लिए, मरेंगे तो इसके लिए ।  ~ अटल बिहारी वाजपेयी *** अटल बिहारी वाजपेयी के 150+ अनमोल विचार! आज परस्पर वैश्विक निर्भरता का मतलब है कि विकासशील देशों में आर्थिक आपदायें, विकसित देशों पर एक प्रतिक्षेप पैदा कर सकता है। ~ अटल बिहारी वाजपेयी किसी भी देश को खुले आम आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक गठब...