एकात्म हिन्दू बनो अभियान ekatma hindu bano abhiyan

* एकात्म हिन्दू बनो  अभियान, क्यों जरूरी....
समझें

और जुड़ने के लिये

संस्थापक अरविन्द सिसोदिया से 9414180151 से जुड़ें...... अपने अपने जिलों में कार्यविस्तार करें....।


होड़ लगी है पूरे देश में...
महाराणा प्रताप को राजपूत बताने की,
शिवाजी महाराज को मराठा बताने की,
महाराजा सूरजमल को जाट बताने की,
सरदार वल्लभ भाई पटेल को पाटीदार बताने की,
पर कोई भी यह नहीं कह रहा है कि ये सब #हिन्दू थे।
मां भवानी केवल मराठा हो गई,
वीर तेजाजी केवल जाट हो गए,
मां करणी केवल ठाकुर हो गयी,
भगवान देवनारायण केवल गुर्जर रह गये,
महर्षि वाल्मीकि केवल शुद्र हो गए,
भगवान राम केवल क्षत्रिय हो गए,
भगवान कृष्ण केवल यादव हो गए,
भगवान शिव केवल वनवासी हो गए,
महिषासुर उनका भगवान बन गया,
रावण उनका देवता बन गया,
माँ सीता केवल महिला बन गईं,
महर्षि मनु केवल अत्याचारी बन गए,
महात्मा बुद्ध केवल कर्मकांड विरोधी हो गए,
गुरु नानक देव केवल सिख हो गए,
महावीर स्वामी केवल जैन हो गए,
और तो और भगवान परशुराम ब्राह्मण हो गए!
पर एक बात बताओ?
क्या हम हिन्दू पतन की और नहीं जा रहे ?
ध्यान रहे !
संगठित रहो, एकजुट रहो !
बिखरे रहोगे तो, मसल दिए जाओगे !

इतिहास में पीछे मुड़कर देखो हमारे पूर्वजों से जो गलती हुई थी वही अब हम दोहरा रहे हैं अखंड भारत जब छोटे-छोटे राज्यों में बट गया था तभी यह भारत गुलाम हुआ था और विदेशी आक्रांताओं ने हमारी औरतों को मंडियों में बेचा बुजुर्गों छोटे बच्चों को सड़कों पर लेटा कर मारा गया वीर गोकुला गुरु तेग बहादुर आदि को किस प्रकार पीड़ादायक मृत्यु दी गई जरा उसे याद करो।

वो तुम्हे जाट, गुर्जर,  हरिजन, बौद्ध, जैन, सिख, वनवासी, राजपूत, पंजाबी, ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शुद्र, दलित, अगड़ा, पिछड़ा में बांटेगे !

पर तुम याद रखना एक अकेला तिनका हलके से जोर से भी टूट जाता है मगर यही तिनका अनेक तिनकों के साथ जब गट्ठर बन जाता है। तो उसे बड़े से बड़ा पहलवान भी नहीं तोड़ सकता🙏🏻

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, मास्को जेल में..?

कविता - हिंदू एकता

हमारा देश “भारतवर्ष” : जम्बू दीपे भरत खण्डे

‘‘भूरेटिया नी मानू रे’’: अंग्रेजों तुम्हारी नहीं मानूंगा - गोविन्द गुरू

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

Pandit Deendayal Upadhyaya : ' A Rashtra Dharmaa'

‘फ्रीडम टु पब्लिश’ : सत्य पथ के बलिदानी महाशय राजपाल