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जनवरी 9, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

नरेंद्र मोदी ने ली पीएम के बयान पर चुटकियाँ

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-------------- नीचे दी गई खबर पर यह एक प्रतिक्रिया है , इसे पहले पढ़ें ! Khari Khari, Kanpur का कहना है : 09/01/2014 at 04:11 PM सोनिया ने कहा कि हम 100 दिनों में महंगाई खत्म कर देंगे- हमने हंस कर टाल दिया। मनमोहन ने कहा कि हम मुम्बई को शंघाई बना देंगे - हमने हंस कर टाल दिया। कपिल ने कहा कि हम दुनिया का सबसे सस्ता टैबलेट लेकर आएंगे- हमने हंस कर टाल दिया। शरद पवार ने कहा कि हम बहुत जल्द दुनिया को सबसे ज्यादा चावल निर्यात कराएंगे - हमने हंस कर टाल, खुर्शीद ने कहा कि हम चीन के हर संभव युद्ध से लड़ने को तैयार हैं - हमने हंस कर टाल दिया, शिन्दे ने कहा की हम दाउद को पकड कर लाएंगे - हमने हंस कर ताल दिया, लेकिन मनमोहन ने कहा की राहुल गाँधी देश के सबसे प्रखर युवा नेता हैं और उनमें विलक्षण प्रतिभा है वह देश को नई उंचाई पर ले जाएंगे.. . . . . अरे यार, हंसा-हंसा कर मारोगे क्या??? ----------- नरेंद्र मोदी ने ली पीएम के बयान पर चुटकियाँ नवभारतटाइम्स.कॉम | Jan 9, 2014 नई दिल्ली http://navbharattimes.indiatimes.com प्रवासी भारतीयों के सम्मेल में बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने विकास

गंगासागर तीर्थ पर मकर संक्रांति पर विशेष मेला

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Gangasagar Mela : Piligrims taking holy dip during Makar Sankranti गंगासागर तीर्थ का मकर संक्रांति पर विशेष महत्व तारीख: 04 Jan 2014 http://www.panchjanya.com पश्चिम बंगाल स्थित गंगासागर हिन्दुओं के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। मकर संक्रांति के दिन यहां देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहंुचकर स्नान करते हैं। स्नान के बाद इस दिन दान का भी विशेष महत्व होता है। यहां संक्रांति पर मेले का आयोजन भी किया जाता है। इसलिए कहा जाता है कि 'सारे तीर्थ बार-बार, गंगासागर एक बार'। गंगासागर जाने के लिए कोलकाता से नामखाना की दूरी करीब 110 किलोमीटर है। यहां से चामागुरी घाट तक नौकाएं जाती हैं और वहां से 10 किलोमीटर की दूरी पर गंगासागर है।  सागर द्वीप पर साधुओं का निवास है और द्वीप 150 वर्गमील के लगभग है। यहां वामनखल नामक प्राचीन मंदिर भी है। इसी के निकट चंदनपीड़ी वन में जीर्ण मंदिर और बुड़बुड़ीर तट पर विशालाक्षी मंदिर है। गंगासागर में एक मंदिर भी है, जो कपिल मुनि के प्राचीन आश्रम स्थल पर बना है। कपिल मुनि के मंदिर में पूजा-अर्चना भी की जाती है। पुराणों के अनु

मजहब बदलने से पुरखे, तहजीब और वतन नहीं बदलता - इन्द्रेश कुमार

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मुम्बई में राष्ट्रीय मुस्लिम मंच की त्रिदिवसीय कार्यशाला तारीख: 04 Jan 2014 मजहब बदलने से पुरखे, तहजीब और वतन नहीं बदलता " इंडोनेशिया में 27 करोड़ मुसलमान रहते हैं। पर उनके हवाई अड्डे पर घटोत्कच का चित्र है, बजरंग बली की मूर्ति है। वे कहते हैं कि हम राम-कृ ष्ण की संतानें हैं, हमने मजहब बदला, पुरखे नहीं। हिंदुस्थान के मुसलमानों का भी यही सच है। जिस दिन इसको स्वीकार करोगे, सच को अपने आप समझ जाओगे। " - इन्द्रेश कुमार मार्गदर्शक, राष्ट्रीय मुस्लिम मंच गत 14-16 दिसंबर,2013 तक मुम्बई के निकट उत्तन में राष्ट्रीय मुस्लिम मंच ने अपनी प्रथम अखिल भारतीय कार्यशाला का आयोजन किया। इसको सम्बोधित करते हुए मंच के मार्गदर्शक श्री इन्द्रेश कुमार ने कहा कि अधिकार मनुष्य को जुल्मी बना देता है, और कर्तव्य का बोध प्रेम और अपनेपन की भावना को बढ़ाता है। इसलिए हमारा यह मंच अधिकारों पर आधारित नहीं है, वरन् कर्तव्य पर आधारित है। उन्होंने कहा फर्ज इबादत है। तानाशाही कमजोरों का रास्ता है। उन्होंने कहा कि आज भारत में हर जगह मजहबी आदमी मिलता है, लेकिन मजहब के सिद्घांतों को ठीक से नहीं समझ पाता तो वह क