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महाराणा प्रताप के पराक्रम feat of maharana pratap

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महाराणा  प्रताप ( जन्म दिवस 09 मई 1540 ) /   ( बलिदान दिवस 19 जनवरी)     महाराणा  प्रताप के पराक्रम से अकबर भी घबराता था. इसलिए युद्ध को टालने और अधीनता स्वीकार कराने के लिए अकबर ने 6 बार अपने दूत और मुग़लों के अधीन मेवाड़ का सिंहासन चलाने की पेशकश की लेकिन महाराणा प्रताप ने इसे हर बार मानने से इन्कार कर दिया.                     महाराणा प्रताप बेहद बलशाली और युद्ध-कौशल में निपुण थे. उनके रण-भूमि में आते ही दुश्मनों में भय का माहौल बन जाता था. युद्ध में वे अपने चहेते घोड़े चेतक पर सवार होकर जाते थे.                  यूँ तो महाराणा के अदम्य साहस, वीरता के अनेक किस्से हैं लेकिन कुछ बातों की जानकारी इस प्रकार है.-                                             *महाराणा प्रताप के युद्ध हथियार* 1. महाराणा प्रताप युद्ध के वक्त हमेशा एक भाला अपने साथ रखते थे, जिसका...

अमित शाह की सिंह गर्जना - भ्रष्ट और नकारा अशोक गहलोत सरकार को उखाड़ फेंकिए Amit Shah At Udaipur, Rajasthan

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अमित शाह की सिंह गर्जना - भ्रष्ट और नकारा अशोक गहलोत सरकार को उखाड़ फेंकिए  Amit Shah At Udaipur, Rajasthan Salient points of speech : Hon'ble Union Home Minister and Minister of Cooperation Shri Amit Shah while addressing a public meeting in Udaipur (Rajasthan) द्वारा श्री अमित शाह -  30-06-2023 / Press Release उदयपुर से अमित शाह रेली के सम्बोधन एक एक शब्द ..... केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री अमित शाह जी द्वारा उदयपुर, राजस्थान में आयोजित विशाल जनसभा में दिए गए उद्बोधन के मुख्य बिंदु अशोक गहलोत सरकार के जाने का समय शुरू हो गया है। 2023 के राजस्थान विधान सभा चुनाव और 2024 के लोक सभा चुनाव में भाजपा की रिकॉर्ड तोड़ जीत होने जा रही है। 2024 में 300 से अधिक सीटों के साथ आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी फिर से देश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। ****************** कुछ दिन पहले पटना में कांग्रेस सहित 15 विपक्षी दलों के नेता पटना में इकठ्ठा हुए थे। इन दलों पर लगभग 20 लाख करोड़ रुपये के घपले-घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोप हैं। **********...

उदयपुर के संस्थापक मेवाड़ के महाराणा उदयसिंह जी सिसोदिया

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"मेवाड़ महाराणा उदयसिंह जी की पुण्यतिथि पर पढ़िए उनकी संक्षिप्त जीवनी" 1522 ई. :- महाराणा सांगा व रानी कर्णावती के पुत्र कुंवर उदयसिंह का जन्म 1528 ई. :- जब कुंवर उदयसिंह 6 वर्ष के थे, तब पिता महाराणा सांगा का देहांत हुआ 1534 ई. :- कुंवर उदयसिंह 12 वर्ष के थे, तब माता कर्णावती जी समेत हज़ारों क्षत्राणियों ने जौहर किया 1535 ई. :- दासीपुत्र बनवीर द्वारा महाराणा विक्रमादित्य की हत्या, बनवीर का चित्तौड़गढ़ पर कब्ज़ा व कुंवर उदयसिंह को मारने का प्रयास, महाबलिदानी माता पन्नाधाय द्वारा पुत्र चंदन का बलिदान करके कुंवर के प्राणों की रक्षा 1537 ई. :- कुंभलगढ़ दुर्ग में सामंतों द्वारा महाराणा उदयसिंह का राज्याभिषेक 1538-39 ई. :- महाराणा उदयसिंह व महारानी जयवंता बाई का विवाह 1540 ई. :- कुंवर प्रताप का जन्म, मावली के युद्ध में 20 वर्षीय महाराणा उदयसिंह द्वारा बनवीर के सेनापति कुंवरसिंह की पराजय, महाराणा की ताणा विजय, कूटनीति से बनवीर को चित्तौड़गढ़ के युद्ध में पराजित कर गढ़ पर अधिकार 1544 ई. :- अफगान बादशाह शेरशाह सूरी की चित्तौड़गढ़ पर चढ़ाई की ख़बर सुनकर महाराणा उदयसिंह ने कूटनीति से दुर्ग की चाबिया...