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नवंबर 30, 2010 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जाती पूछोगे और धर्म झुपाओगे...?

- अरविन्द सीसोदिया  जाती पूछो और धर्म छिपाओ .... सवाल यह है की सारे देश में आप ..,जाती पूछोगे और धर्म झुपाओगे .... ये कैसे चलेगा ..! इस देश में आप हिन्दू विधि और मुस्लिम पर्सनल कानून चलाते हो...! आज यह जरुरी ही गया है कि लोग किसी धर्म के होते हैं और अपने लाभ और स्वार्थ के हिसाब से शोऊ कुछ और करते हैं , पहचान छुपाने में भी इसका उपयोग हो रहा है जैसे कि हेडली नाम से इसाई लगता है मगर गए यह व्यक्ती मुस्लिम आतंकवादी  , जी मौलिक सूचनाएं हैं वे उजागर होनी चाहिए ..! उनकी स्पष्ट इन्द्राजी होनी चाहिए ..! चाहे वह धर्म हो , जाती हो , जन्म स्थान हो , मातृ  भाषा हो , इन्हें छुपाने का अधिकार क्यों दिया जाये ..?   *** सोनिया का धर्म जानने सम्बंधी याचिका खारिज     चण्डीगढ़ स्थित  पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के धर्म से जु़डी जानकरी के सम्बंध में दायर एक याचिका सोमवार को खारिज कर दी।      हरियाणा पुलिस के पूर्व प्रमुख पी.सी. वाधवा द्वारा दायर याचिका को उच्च न्यायालय की एक खण्डपीठ ने खारिज कर दिया। पूर्व पुलिस प्रमुख ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत रजिस्ट्रार जन

भोपाल गैसत्रासदी वरसी : प्रथम दृष्टया दोषी भारत सरकार है

- अरविन्द सीसोदिया यूनीयन कार्बाइड के जहरीले कारखानें को भोपाल में सातवाँ स्थान पर बनाए जानें की अनुमती नहीं दी जा रही थी...! मध्यप्रदेश की सरकार संभवतः भोपाल के लोगों के जीवन से खिलवाड़ नहीं करना चाहती होगी ..! मगर जा आपातकाल लगा और प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी जी सर्वे भन्तु सुखिना हुईं तो.., अमेरिकन यूनीयन कार्बाइड को साख यह मिला की उन्हें यूनीयन कार्बाइड कारखाना भोपाल में लगानें कि सुविधा मिल गई..! जो १९८४ में भोपाल में महान और अत्यंत दर्दनाक दुखान्तकी बनीं ..!    बात यह है की किसी भी बड़ी कंपनी को कहीं भी कोई भी इजाजत उसके श्रमिकों से जुड़े रिकार्ड को देखकर ही दी जानीं चाहिए...! इस कंपनी का यह रिकार्ड देख ही नहीं गया ..! उन्हें अनुमती नियमानुसार नहीं राजनैतिक प्रभाव में दी गई और उसे भुगता भोपाल नें ..!! यह एक बुरी कंपनी थी .., इस का रिकार्ड ठीक नहीं था..! हनन कभी भी यह ध्यान नहीं किया कि इसके ख़तरना उत्पादनों से जन सुरक्षा को कैसे सुरक्षित रखा जाए..! सच तो यह है की आज तक वह जहरीला कचरा वहीं है और हटानें तक की हिम्मत नहीं की गई ..!! एक ब्लेक लिस्ट

मुश्किल है गिरफ्तारी : अरुंधति राय,सैयद अली शाह गिलानी की...

- अरविन्द सीसोदिया       जिस सरकार ने अपने अपने मंत्रालय की सलाह के बावजूद इन दोनों गद्दारों के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया , उन्ही की पुलिस को अदालत के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज करनी पढ़ रही है .., अब यह पुलिस क्या करेगी ..., मुझे नहीं लगता की जांच से जुड़े अधिकारीयों के रीड होगी और वे कानून के हिसाब से कम करेगे..इनमें रीड होती तो सभ के समापन के साथ ही गिरफ्तारी होनी चाहिए थी ..!! न्यायालय का आदेश विफल होता नजर आता है ...! जब सरकार ही गद्दारों के साथ हो तब बचता क्या है ....!   ----दिल्ली पुलिस ने लेखिका अरुंधति राय, हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी और अन्य लोगों पर पिछले महीने यहां एक सेमिनार में ‘भारत विरोधी’ भाषण देने के मामले में देशद्रोह का मामला दर्ज किया है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि सुशील पंडित नामक व्यक्ति की याचिका पर शनिवार को एक स्थानीय अदालत के दिशानिर्देश के बाद प्राथमिकी दर्ज की गयी. पंडित ने आरोप लगाया था कि गिलानी और राय ने 21 अक्तूबर को ‘आजादी-द ओनली वे’ के बैनर तले हुई एक सेमिनार में भारत विरोधी भाषण दिया था. राय और अन्य पर धारा 124ए (देशद्रोह), 153ए (वर्गों के

क्या जेपीसी के इटली पहुचने का डर है ...

- अरविन्द सीसोदिया सोमवार से तीन दिवसीय यात्रा पर श्रीमति सोनिया गांधी रायवरेली की यात्रा पर हैं .., संसद में जे पी सी गठन का गतिरोध चल रहा है ..! वे उसे यथा स्थिति छोड़ कर यात्रा पर हैं जबकि वे उस गठबंधन की अध्यक्ष  हैं जो सरकार चला रहा है ..! जे पी सी से जांच होनें का इतिहास रहा है.., इस घोटाले से कम रकम कीई जांच जे पी सी ने की है ..!   लगता है कि जे पी सी की जांच , जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा लगाये आरोपों पर भी होगी जिसमें उन्होंने कहा है कि " पौने दो लाख करोड़ रुपये के 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले में 60 हजार करोड़ रुपये घूस में बांटी गई, जिसमें चार लोग हिस्सेदार थे। इस घूस में सोनिया गांधी की दो बहनों का हिस्सा 30-30 प्रतिशत है। दस जनपथ को घोटाले का केंद्र बिंदु बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सब कुछ जानते हुए भी मूक दर्शक बने रहे।"      यदी जे पी सी बनीं तो वह इन नामों से भी पूछताछ कर सकती है..! यानी इटली तक बात जा सकती है ..! प्रधान मंत्री को भी रहस्य उजागर करने को कह सकती है ..! कोई कमजोर नस  अवश्य है ..! ***** एक समाचार जो हमने देखा ......  htt