प्रधानमंत्री , घोटाला मंत्री कहलाने लगेंगे ..!



- अरविन्द सीसोदिया 
भारत के प्रधानमंत्री , भले ही अपनी भोली भली सूरत और इमानदारी की सीरत लिए राजनीति के बाजार में हैं . मगर सब जानतें हैं की वे सोनिया जी की कृपा  पर हैं .., सोनिया जी की कृपा इस लिए है कि वे अघोषित रूप से कमाऊ पूत हैं ...! राजीव जी के निधन के बाद बनी कांग्रेस की नरसिंह राव सरकार में वित्त  मंत्री मनमोहन सिंह ने अपने बजट प्रावधान में राजीव गांधी फाउन्डेशन   को १०० करोड़ का प्रावधान किया  था, हल्ला मचा इसे वापस लिया गया .., प्राईवेट संस्थान को इतनी बड़ी रकम सरकार सीधे नहीं दे सकती थी ..! बाद में मनमोहन सिंह ने अपने प्रभाव से बहुत बड़ी बड़ी रकमें प्राईवेट क्षैत्र से जुटवाई  ...!
   मनमोहन सिंह स्वंय कितने भी बड़े ईमानदार हों मगर वे एक भी घोटाला रोकने में विफल रहे और किसी घोटाले का पैसा देश को वापस दिलानें में भी कामयाव नहीं हुए ..! अर्थ क्षत्र की बड़ी बड़ी पदावलियाँ उनकी निश्चित उपलब्धी थी मगर ....सरकार में उन्हें कभी सावित नहीं कर पाए  ..! विफलता दर विफलता गई उनकी उपलब्धी  है ...!
     यू पी ए -२ और टू जी घोटाला एक से हैं ...! यह सरकार घोटाला  सरकार ही है ...! विपक्ष भी अपने कर्तव्य में कटोत्री क्यों कर रहा है ....? मामला तो सरकार से इस्तीफा मांगने का बनता है ..??
  मुख्यसवाल  यह है की इन घोटालों में गायब  हुआ पैसा तुरंत वापस प्राप्त किया जाये ..!!         

टिप्पणियाँ

  1. हम तो यही कहेंगे ...
    काजल की कोठरी में कैसा भी सयानो जाय
    एक लीक काजल की लागी, लागी है पैलागी है ....

    जवाब देंहटाएं
  2. बेहद सटीक प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद ...!

    जवाब देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

इन्हे भी पढे़....

चुनाव आयोग को चोर कहना, पूरे शासनतंत्र को अपमानित करना है, संविधान विपक्ष को इस तरह की गिरी हुई हरकतों की अनुमति नहीं देता

एक ईसा, एक बाइबल, लेकिन ईसाइयों में भी हैँ बहुतसारी भिन्नतायें

जर्मनी नें आंतरिक सुरक्षा हेतु 10 सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा की

भारत की 80 करोड़ से अधिक आबादी मेटा की पकड़ में है....?

7 अक्टूबर: मोदीजी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूर्ण

स्टारलिंक Starlink

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

हताश कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके, सड़कों पर अराजकता फैलाकर और जनता को गुमराह करके सत्ता में वापसी करने की कोशिश कर रही है - शिवराज सिंह चौहान

भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा,संवैधानिक संस्थाओं की अनिवार्य जबाबदेही है — अरविन्द सिसोदिया