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जनवरी 8, 2012 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मकर संक्रांति : उत्तरायण प्रारंभ : अंधकार घटने और प्रकाश बढ़ने का दिन...

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इस साल १५ जनवरी को मनाई जायेगी मकर संक्रांती  आकाश के दक्षिण हिस्से से सूर्य का रथ उत्तरी हिस्से की और बढ़ रहा है। 14 जनवरी की मध्य रात्रि को सूर्यदेव का रथ उत्तरायण होगा। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही संक्रांति का पुण्यकाल भी शुरू हो जाएगा। स्नान-दान की मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी। ज्योतिष पंडित जितेन्द्र दवे के मुताबिक 14 जनवरी 2012 की शाम 4.50 बजे मकर राशि की सीमा को छुएगा। रात में 12.25 बजे से संक्रांति का पुण्यकाल शुरू होगा। मान्यताओं के मुताबिक पुण्यकाल 16 घंटे का होता है। इस लिहाज से पुण्यकाल 15 जनवरी की शाम 4.25 बजे तक रहेगा। उदयतिथि के सिद्धांत के मुताबिक मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। क्या होता है सूर्य का उत्तरायण होना आकाश की 12 राशियों में सूर्य के भ्रमण से ऋतु चक्र पूरा होता है। एक राशि से दूसरी राशि में सूर्य के संक्रमण को ही संक्रांति कहते हैं। सूर्य की मकर से मिथुन राशि में रहने तक 6 महीने की अवधि उत्तरायण कही जाती है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक यह देवों का प्रभात काल होती है। कर्क से धनु राशि में सूर्य के रहने के 6 महीने को दक्

नन्हा मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ

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गाना / Title: नन्हा मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ - nanhaa munnaa raahii huu.N, desh kaa sipaahii huu.N चित्रपट / फिल्म : सन  ऑफ़  इंडिया संगीतकार / म्यूजिक  डिरेक्टर :  नौशाद अली-( नौशाद ) गीतकार / शकील  गायक :  शांति   माथुर   ,   chorus     नन्हा मुन्ना राही हूँ,  नन्हा मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ बोलो मेरे संग, जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद ... रस्ते पे चलूंगा न डर\-डर के चाहे मुझे जीना पड़े मर\-मर के मंज़िल से पहले ना लूंगा कहीं दम आगे ही आगे बढ़ाउंगा कदम दाहिने बाएं दाहिने बाएं, थम!  नन्हा ... धूप में पसीना बहाउंगा जहाँ हरे\-भरे खेत लहराएंगे वहाँ धरती पे फ़ाके न पाएंगे जनम आगे ही आगे ... नया है ज़माना मेरी नई है डगर देश को बनाउंगा मशीनों का नगर भारत किसी से न रहेगा कम आगे ही आगे ... बड़ा हो के देश का सितारा बनूंगा दुनिया की आँखों का तारा बनूंगा रखूँगा ऊंचा तिरंगा हरदम आगे ही आगे ... शांति कि नगरी है मेरा ये वतन सबको सिखाऊंगा प्यार का चलन दुनिया में गिरने न दूंगा कहीं बम आगे ही आगे ...

अच्छी खबर : अन्ना हजारे की अस्पताल से छुट्टी

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- अरविन्द  सिसोदिया  एक अच्छी खबर आ रही है कि अन्ना हजारे की अस्पताल से छुट्टी हो गई है वे अब एक माह अपने गांव में ही स्वास्थय लाभ प्राप्त करेंगें। देश को उनकी बहुत जरूरत है। सच यह है कि बडी जरूरत के रूप में अन्ना उभरे हैं। उनक भ्रष्टाचार विरोधी अभियान से , लाभ यह हुआ है कि एक नैतिक अंकुश भ्रष्टाचार के विरूद्ध लग रहा है । जो कम ज्यादा करके भ्रष्टाचार को रोकता तो है ही । इसलिये देशहित के उनके अभियान और उनके आर्शीवाद की हम सभी को जरूरत है। -------- दैनिक जागरण अन्ना को मिली अस्पताल से छुट्टी  समाजसेवी अन्ना हजारे को रविवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। वह अपने गांव रालेगण सिद्धि में एक माह आराम करेगे। उन्हे 31 दिसंबर को सीने में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। संचेती अस्पताल से बाहर निकलते हुए अन्ना ने कहा कि भूख हड़ताल के कारण मेरा स्वास्थ्य प्रभावित हुआ है। अब मैं ठीक हूं। डाक्टरों की सलाह के अनुसार, मैं एक माह तक रालेगण सिद्धि में आराम करूंगा।  ------- अन्ना को मिली पुणे के अस्पताल से छुट्टी 08 Jan 2012  http://www.jagran.com पुणे। समाजसेवी अन्ना हजारे

क्रिकेट बोर्ड की देश के साथ बेईमानी ,धारदार बोलिंग की जरूरत

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धारदार बोलिंग की जरूरत - अरविन्द  सिसोदिया  एक तेज आती बाल..... हमारे खिलाडियों को भयभीत इसलिए कर देती है की हमें घरेलू क्रिकेट में तेज बाल का सामना ही नही करना पड़ता, हमारी  तेज  बालिग़ विदेशी जमीन पर भी वैसी ही रहेगी इस बात की कभी हमनें चिंता ही नहीं की .., यदी हम अपने यहाँ विदेशों जैसे मैदान नहीं बना सकते तो अभ्यास हेतु अपने खिलाडियों को विदेश भेज तो सकते हें...मगर लगातार ३० साल से इस कमजोरी को झेलने के बाबजूद इसका मुकाबला नहीं करना चाहते ..यह बोर्ड की देश के साथ बेईमानी ही कही जायेगी .. पहले हमनें कुछ जीतें स्पीनरों के सहारे या कपिल सरीखे मीडियम तेज गेंदबाजों के सहारे ही प्राप्त की हें ..तेज बोलर नहीं होना हमारी कमजोरी रही हे , जो इक्के दुक्के तेज बोलर आते हें उनकी ले नहीं रहती और वे विदेशों में पिटते हैं..कमी का मूल कारण प्रशिक्षण का आभाव और जरुरी संशाधनों की कमी...  भारतीय क्रिकेट की सबसे बडी कमजोरी,बोलिंग है..., भारतीय टीम में बढिया तेज बोलर नहीं हैं। एक पारी में तीन अस्ट्रेलियन शतक बनाते हैं जिनमें एक तीहरा शतक बना....बल्लेबाजी भी दोषी हो सकती है। मगर सही यह है कि हम

माया की मूर्ती पुराण

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माया की मूर्तियां बाबा साहब अम्बेडकर और बसपा के संस्थापक काशीराम जी की मूर्तियों की स्थापना तो समझ में आती है, मगर जनता के पैसे को गरीबों पर खर्च करने के बजाये खुद मायावती की और चुनाव चिन्ह हाथी की मूर्तियों पर अनाप सनाप खर्च करना तो, उन मतदाताओं से भी धोका है जिन्होने मायावती को मत दिया था। ----------------- मायावती की मूर्तियों को ढकने पर बसपा नाराज लखनऊ. 7 जनवरी २०१२ http://raviwar.com/dailynews उत्तर प्रदेश में चुनाव तक राज्य की मुख्यमंत्री मायावती और हाथियों की मूर्तियों को पर्दे में रखने के चुनाव आयोग के निर्णय की बसपा ने आलोचना की है. बसपा ने कहा है कि चुनाव आयोग का यह निर्णय तर्कसंगत नहीं है. शनिवार को देश के मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने उत्तर प्रदेश में चुनाव तक बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो और राज्य की मुख्यमंत्री मायावती और उनकी पार्टी के चुनाव चिन्ह हाथी की तमाम मूर्तियों को ढकने का आदेश दिया है. चुनाव आयोग का तर्क है कि पार्कों में लगी मूर्तियां और पार्टी के चुनाव चिन्ह हाथी प्रचार का एक तरीका है. चुनाव आयोग के अनुसार ये मूर्तियां फरवरी तक ढके रहेंगी. मुख्य