भजन : तुम ही एक नाथ हमारे हो ..................




- अरविन्द सिसोदिया 


तुम ही एक नाथ हमारे हो ..................


पितु मातु सहायक स्वामी सखा तुमही एक नाथ हमारे हो . 
जिनके कछु और आधार नहीं तिन्ह के तुमही रखवारे हो .. 
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सब भांति सदा सुखदायक हो दुःख दुर्गुण नाशनहारे हो . 
प्रतिपाल करो सिगरे जग को अतिशय करुणा उर धारे हो .. 
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भुलिहै हम ही तुमको तुम तो हमरी सुधि नाहिं बिसारे हो .. 
उपकारन को कछु अंत नही छिन ही छिन जो विस्तारे हो . 
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महाराज! महा महिमा तुम्हरी समुझे बिरले बुधवारे हो . 
शुभ शांति निकेतन प्रेम निधे मनमंदिर के उजियारे हो .. 
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यह जीवन के तुम्ह जीवन हो इन प्राणन के तुम प्यारे हो . 
तुम सों प्रभु पाइ प्रताप हरि केहि के अब और सहारे हो .. 
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भजन 

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