इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के



-------------
फ़िल्म - जागृति (Jagriti)
गायक - मो रफी
संगीत - हेमंत कुमार
गीत - प्रदीप

पासे सभी उलट गए दुश्मन की चाल के
अक्षर सभी पलट गए भारत के भाल के

मंज़िल पे आया मुल्क हर बला को टाल के
सदियों के बाद फिर उड़े बादल गुलाल के

(हम लाए हैं तूफ़ान से कश्ती निकाल के
इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के) -2
तुम ही भविष्य हो मेरे भारत विशाल के
इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के

देखो कहीं बरबाद ना होए ये बगीचा
इसको हृदय के खून से बापू ने है सींचा
रक्खा है ये चिराग़ शहीदों ने बाल के, इस देश को...

दुनिया के दांव पेंच से रखना ना वास्ता
मंज़िल तुम्हारी दूर है लम्बा है रास्ता
भटका ना दे कोई तुम्हें धोखे में डाल के, इस देश को...

ऐटम बमों के जोर पे ऐंठी है ये दुनिया
बारूद के इक ढेर पे बैठी है ये दुनिया
तुम हर कदम उठाना ज़रा देख भाल के, इस देश को...
आराम की तुम भूल भुलय्या में ना भूलो
सपनों के हिंडोलों पे मगन होके ना झूलो
अब वक़्त आ गया है मेरे हँसते हुए फूलों
उठो छलाँग मार के आकाश को छू लो
तुम गाड़ दो गगन पे तिरंगा उछाल के, इस देश को...

हम लाए हैं तूफ़ान से कश्ती निकाल के
इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

महाबलिदानी राजा मोरध्वज : जब भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन का अभिमान तोड़ा

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

"जननी जन्मभूमि स्वर्ग से महान है"।

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

बूंदी रियासत के पराक्रमी शासक, Bundi State

आराजकतावादियों का नया विदेशी टूलकिट षड्यंत्र फैल, भारत का युवा जिम्मेदार नागरिक - अरविन्द सिसोदिया

राजीव दीक्षित :ह्रदय के अन्तमः तल से हार्दिक श्रधान्जली...!

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

गोवा का कुख्यात 'हाथ काटरो खम्भ' ईसाई मिशनरियों की बर्बरता का प्रतीक है

हिन्दु भूमि की हम संतान नित्य करेंगे उसका ध्यान