बांके बिहारीजी की आरती


श्री बांके बिहारीजी की आरती
~~~
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,कुंज बिहारी तेरी आरती गाऊं॥ श्री बांके बिहारी ……
श्याम सुंदर तेरी आरती गाऊं। श्री बांके बिहारी ……
मोर मुकुट प्रभु शीश पे सोहे, प्यारी बंशी मेरो मन मोह, देखि छबि बलिहारी जाऊं॥
श्री बांके बिहारी ……
चरणों से निकली गंगा प्यारी, जिसने सारी दुनिया तारी, मैं उन चरणों के दर्शन पाऊं॥
श्री बांके बिहारी ……
दास अनाथ के नाथ आप हो,दुख सुख जीवन प्यारे साथ हो,हरि चरणों में शीश नवाऊं॥
श्री बांके बिहारी ……
श्री हरि दास के प्यार तुम हो,मेरे मोहन जीवन धन हो,देखि युगल छवि बलि-बलि जाऊं॥
श्री बांके बिहारी ……
आरती गाऊं प्यारे तुमको रिझाऊं,हे गिरधर तेरी आरती गाऊं॥
श्री बांके बिहारी ……
***

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, मास्को जेल में..?

कविता - हिंदू एकता

Pandit Deendayal Upadhyaya : ' A Rashtra Dharmaa'

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

हमारा देश “भारतवर्ष” : जम्बू दीपे भरत खण्डे

‘फ्रीडम टु पब्लिश’ : सत्य पथ के बलिदानी महाशय राजपाल

‘‘भूरेटिया नी मानू रे’’: अंग्रेजों तुम्हारी नहीं मानूंगा - गोविन्द गुरू