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भारत का अंतरिक्ष विज्ञान विदेशी निशाने पर - सुरेश चिपलूकर

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सुरेश चिपलूकर की कलम से Suresh Chiplunkar Monday, December 16, 2013 Indian Space Programme under Threat - Prof Nambi Narayan Case भारत का अंतरिक्ष विज्ञान विदेशी निशाने पर – प्रोफ़ेसर नम्बी नारायणन मामला... बहुत वर्ष पहले एक फिल्म आई थी,  “ “ एक डॉक्टर की मौत ” ” . इस फिल्म में पंकज कपूर का बेहतरीन अभिनय तो था ही, प्रमुखतः फिल्म की कहानी बेहतरीन थी. इस फिल्म में दर्शाया गया था कि किस तरह एक प्रतिभाशाली डॉक्टर, भारत की नौकरशाही और लाल-फीते के चक्कर में उलझता है, प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा उस डॉक्टर से सहानुभूति नहीं रखता और अंततः वह डॉक्टर आत्महत्या कर लेता है. एक और फिल्म आई थी गोविन्द निहलानी की, नाम था  “ “ द्रोहकाल ” ” , फिल्म में बताया गया था कि किस तरह भारत के शीर्ष प्रशासनिक पदों तथा सेना के वरिष्ठ स्तर तक भ्रष्टाचार और देश के दुश्मनों से मिलीभगत फ़ैली हुई है. दुर्भाग्य से दोनों ही फिल्मों की अधिक चर्चा नहीं हुई, दोनों फ़िल्में हिट नहीं हुईं. भारत के कितने लोग सचिन तेंडुलकर को जानते हैं, लगभग सभी. लेकिन देश के कितने नागरिकों ने प्रसिद्ध वैज्ञानिक एस नम्बी नाराय

‘राष्ट्र चिन्तन पर्व’ : 25 से 27 दिसम्बर

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    ‘राष्ट्र चिन्तन पर्व’   स्वामी विवेकानन्द का राष्ट्र-ध्यान 25 से 27 दिसम्बर 1892 http://uttarapath.wordpress.com/2011 25 दिसम्बर 1892, स्वामी विवेकानन्द ने श्रीपाद शिला पर अपना ध्यान प्रारम्भ किया। मान्यता है कि उसी शिलापर देवी कन्याकुमारी ने स्वयं तपस्या की थी। तप तो हर जन्म की भाँति ही शिवजी को प्राप्त करने के लिये था। किन्तु इस अवतार में देवी का जीवनध्येय कुछ और था। बाणासुर के वध के लिये देवी का कुवांरी रहना आवश्यक था। नारदजी ने शिवजी के विवाह में विघ्न ड़ाला और शिवजी 8 मिल दूर सुचिन्द्रम् में रुक गये। माँ पार्वती को अपने जीवन का लक्ष्य प्राप्त हुआ। शिला पर माँ का पदचिह्न है। एक ही पाँव का है क्योकि कहते है माँ ने वृक्षासन में 7 साल तक तप किया था। इस पदचिह्न के कारण शिला को ‘श्रीपाद शिला’ के नाम से जाना जाता है। युवा स्वामी, केवल 29 वर्ष की आयु थी इस समय स्वामीजी की, 6 वर्षोंसे भारत का भ्रमण कर रहा है। कुछ खोज रहा है। अपने गुरु के सान्निध्य में योग की सर्वोच्च अनुभूति, निर्विकल्प समाधि को प्राप्त कर चुका है। उन्ही की कृपा से काली माता के साक्षात साकार दर्शन भी कर लिये