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नरेंद्र मोदी कोई आतंकी नहीं, उनसे मिलने में गुरेज नहीं: शरद पवार

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नरेंद्र मोदी कोई आतंकी नहीं, उनसे मिलने में गुरेज नहीं: शरद पवार Sun, 09 Feb 2014 ठाणे। राकांपा प्रमुख और केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी से मुलाकात की बात स्वीकार करते हुए कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री कोई आतंकी नहीं है और उनसे मिलने में कोई हर्ज नहीं है। मीडिया में आई मोदी-पवार की गुप्त मुलाकात की खबरों पर टिप्पणी करते हुए राकांपा प्रमुख ने शनिवार को कहा कि कृषि मंत्री होने के नाते उन्हें मुख्यमंत्रियों से मुलाकात करनी पड़ती है। जिसका उद्देश्य मंत्रालय की नई नीतियों के क्रियान्वयन में आने वाली दिक्कतों को दूर करना होता है। इस सिलसिले में उन्हें राज्यों का दौरा भी करना पड़ता है। इन दौरों के दौरान मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जाने पर वहां के मुख्यमंत्रियों शिवराज सिंह चौहान, ममता बनर्जी और नवीन पटनायक से मुलाकात की तो, अहमदाबाद जाने पर नरेंद्र मोदी से। इस मुलाकात में आखिर गलत क्या है? पवार ने जोर देकर कहा कि मैं मोदी को गुनहगार नहीं मानता। उनसे मिलने में कोई हर्ज नहीं है, क्योंकि वह कोई आतंकी नहीं है। पवार ने कहा कि मेरी मो

एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसीकंपनियां स्थापित करें भारतीय छात्र: मोदी

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नरेंद्र मोदी ने चेन्नई में दिए अपने भाषण में , छात्रों को आव्हान किया की हमें विश्व स्तर की वैज्ञानिकता प्राप्त करनी चाहिए ! एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी वैश्विक कंपनियों की तर्ज पर भारत में अपना उद्यम स्थापित करने पर जोर देने को कहा।   ----------- माइक्रोसॉफ्ट, गूगल जैसी कंपनियां स्थापित करें भारतीय छात्र: मोदी चेन्नई, एजेंसी http://www.livehindustan.com स्वदेशी उद्योगों की वकालत करते हुए भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने छात्र समुदाय से एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी वैश्विक कंपनियों की तर्ज पर भारत में अपना उद्यम स्थापित करने पर जोर देने को कहा। एसआरएम विश्वविद्यालय के नौवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत को नवोन्मेषी और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए आप जो भी कर सकते हैं, वैसा करें। हाल ही में सत्या नाडेला माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ बने। आप लोगों में से अधिकांश नाडेला जैसी ऊंचाइयों को छूना चाहते होंगे। उन्होंने कहा कि मेरा आपको सुझाव होगा कि आप ऐसा ही उद्यम यहां स्थापित करें। यहां माइक्रोसॉफ्ट बनायें। यहां एप्पल सृजित करें। भारत मे

भाड़े के विचारकों से सावधान - शशि शेखर

भाड़े के विचारकों से सावधान शशि शेखर shashi.shekhar@livehindustan.com http://www.livehindustan.com महर्षि वेद व्यास ने महाभारत  के स्वर्गारोहणपर्व में कहा है ऊध्र्वबाहुर्विरौम्येष न च कश्चिच्छृणोति मे धर्मादर्थश्च कामश्च स किर्मथ न सेव्यते। (मैं अपने दोनों हाथ उठाकर कह रहा हूं, लेकिन मेरी बात कोई नहीं सुनता। धर्म से ही अर्थ और काम हैं, तो धर्म का पालन क्यों नहीं करते?) ऋषि द्वैपायन अगर इस युग में पुनर्जन्म लें, तो उन्हें इससे भी अधिक दारुण अनुभव होंगे। उनके समय में लोकतंत्र नहीं था। उन दिनों राजा-महाराजा आपस में लड़ते थे। अब जम्हूरियत है और यहां नेता आपस में लड़ते-मरते हैं। दुर्गति तब भी प्रजा की होती थी और आज भी उसकी होती है। पहले महाभारत की बात करें। इस प्राचीनतम महायुद्ध में आर्यावर्त के हर परिवार को हानि उठानी पड़ी। कई विद्वानों का मानना है कि दहशत भरी जंग ने भारतीयों को इतना डरा दिया कि वे जंग के नाम से घबराने लगे। इसका सबसे बड़ा दुष्परिणाम यह हुआ कि एक जागृत और स्वाभिमानी कौम खून-खराबे से डरने लगी। भारतीय इसी वजह से पीढ़ी-दर-पीढ़ी युद्ध भीरु होते गए और परदेसी आक्रमणकारी