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इंडी गठबंधन में कांग्रेस बनाम राज्यस्तरीय दलों का नियंत्रण युद्ध - अरविन्द सिसौदिया

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  supremacy between Congress and state level parties इंडी गठबंधन में कांग्रेस बनाम राज्यस्तरीय दलों का नियंत्रण युद्ध - अरविन्द सिसौदिया - इंडी गठबंधन में अन्दर की राजनीती एक दूसरे से छीना छपटी का मजेदार खेल  झारखण्ड में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष रविन्द्र सहाय का एक बयान जबरदस्त सुर्थियों में है कि “ सत्ता के लिये इंडी गठबंधन के लोग गिद्धों की तरह लड रहे हैं ।” यह एक हद तक सही है कि इंडी गठबंधन में दो तरह के नियंत्रण केन्द्र है। पहला है कांग्रेस के राहुल गांधी का जो अन्य सभी दलों को दवा कर अपने पीछे चलाना चाहते हैं। जिससे ऊब कर नितिश कुमार भाग खडे हुये थे। वहीं इसी गठबंधन में दूसरा नियंत्रण केन्द्र अलग - अलग राज्यों में अलग - अलग मजबूत दल हैं। जैस बंगाल में ममता बैनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस नें लोकसभा चुनाव अलग लडा कांग्रेस से बात तक नहीं की ! यूपी में अखिलेश के नेतृत्व में सपा ने उपचुनावों में एक तरफा निर्णय लेकर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिये, हरियाणा में अरविन्द केजरीवाल मुख्यमंत्री पद छोड़ कर कांग्रेस के खिलाफ उतरे और जीत के ढोल नंगाडे बजा रही कांग्रेस को सत्ता से ...

चलो कांग्रेस को सत्य नजर आया कि वह तीसरीबार भी हारी है - अरविन्द सिसोदिया

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चलो कांग्रेस को सत्य नजर आया कि वह तीसरीबार भी हारी है - अरविन्द सिसोदिया Congress ki Tisari Har  चलो कांग्रेस को सत्य नजर आया कि वह तीसरीबार भी हारी है - अरविन्द सिसोदिया  चुनाव परिणामों में लगातार तीसरीबार जनता द्वारा ठुकरा दिये जानें के बाद भी कांग्रेस और राहुल गाँधी इतने उत्साहित थे कि मानो उन्होंने दो तिहाई बहूमत से केंद्र सरकार बनाली और भाजपा तीसरीबार सरकार बना कर भी शांत थी, ख़ुशी नहीं थी, सन्नाटा था। कांग्रेस के बड़बोलेपन को अहंकार और बदतमीजी भी कह सकते हैँ का प्रदर्शन हो रहा था, जबकि यही लोग अहंकार का आरोप मोदीजी पर लगाते हैँ। कांग्रेस ने हार की वास्तविकताओं को जान - समझकर 6 समितियों के माध्यम से लगभग 8 राज्यों की जानकारी जुटाने जा रही है कि वह कांग्रेस शासित राज्यों सहित अनुकूल राज्यों में हारे क्यों? इन प्रदेशों के आलावा भी कांग्रेस की हालत तो अन्य कई राज्यों में भी निराशाजनक है जैसे 80 सीटों वाले उत्तरप्रदेश में वह मात्र 6 सीट पर है, आंध्र प्रदेश में शून्य पर है। राजस्थान में 25 में से मात्र 8 सीटें हैँ, बंगाल, आसाम और बिहार में भी उसका प्रदर्शन नगण्य है।कई सारी जगह ...