पोस्ट

नवंबर 17, 2010 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कांग्रेस वालों, अब तो गिरिफ्तर करो गद्दारों को...!

इमेज
हुर्रियत नेता  गिलानी और  लेखिका अरुंधतिरॉय  राजद्रोह गिरिफ्तर क्यों नहीं .....? - अरविन्द सीसोदिया    हजारों लाखों सालों से कश्मीर और अफगानिस्तान का क्षैत्र बिना किसी विवाद के भारतीय था और है .., ये विवाद तो बदनीयत से पाकिस्तानियों ने खड़ा किया है सच यह है कि पाकिस्तान भी भारतीय हिस्सा है जिसे ब्रिटेन ने बदनीयती से भारत से अलग किया है ...!! ब्रिटेन इस देश पर हमलावर था उसे इस देश को बांटने का क्या हक़ था...? यह देश उनके बाप - दादों की जायदात  थोड़े ही थी जो अपने ब्रिटेन  में कानून बना कर इसे बाँट दिया ...! ख़ैर यह तो हमारे नेताओं की भी कमजोरी थी कि उन्हें विभाजन मंजूर था...!! मगर अब तो देश में अपना कानून है अपना राज है .., अब भी विभाजनकारी ताकतें सक्रीय क्यों हैं ...? उन्हें जेल में डालने की ताकत आपके पास है फिर भी आप उन्हें गिरिफ्तार क्यों नहीं करते...!  संघ जैसे देशभक्तों के कार्यालयों पर जाकर उन्हें प्रताड़ित करने की फुरशत तो आपको है !! अब तो सुरक्षा परिषद ने भी कश्मीर को विवादित क्षेत्र से बाहर कर दिया  है !! अब तो उन्हें गिरिफ्तर करो जो कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने से इंकार क

पाकिस्तान आतंकवाद को आतंकवादी देश घोषित किया जाये

इमेज
- अरविन्द सीसोदिया  अब अमरीका को यह समझाना  चाहिए कि पाकिस्तान आतंकवाद को आतंकवादी देश घोषित किया जाये ..!! उसे आर्थिक  सहायताएं बंद कि जाएँ , जब तक वह एक जिम्मेवार देश की तरह व्यवहार नहीं करने लगे , तब तक ब्लेक लिस्टेड किया जाये ! इस रिपोर्ट के बाद तो यह करना अमरीका का कर्तव्य बनता है !!  ---  लंदन.दुनिया भर में आतंक की फैक्ट्री के नाम से मशहूर पाकिस्तान दुनिया का सबसे खतरनाक देश बन गया है। हाल ही में जारी किए गए वर्ल्ड टेररिज्म रिस्क इंडेक्स में पाकिस्तान को दुनिया का दूसरा सबसे खतरनाक देश करार दिया गया है। वहीं वर्ल्ड टेररिज्म रिस्क इंडेक्स में गृह युद्ध से पस्त हो चुके सोमालिया को पहला स्थान मिला है। आपको बता दें कि वर्ल्ड टेररिज्म रिस्क इंडेक्स, ग्लोबल रिस्क एडवाईज़र फर्म 'मेप्लीक्रॉफ्ट'द्वारा बनाया जाता है। कुल 196 देशों को ध्यान में रखकर बनाए गए इस इंडेक्स को विभिन्न देशों में घटी आतंकवादी घटनाओं की तीव्रता और उनकी पुनरावृती के आधार पर तैयार किया गया है। आपको यह जानकर हैरत होगी कि इस रिपोर्ट में कुल 16 ऐसे देश हैं जिन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक देशों की श्रेणी में रखा