सोसल मीडिया के फर्जीवाड़े

कांग्रेस की गहलोत सरकार के समय के दो प्रशिद्ध प्रकरण जो सोसल मीडिया के फर्जीवाड़े की पोल खोलते हैँ....

1- मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा अपने फॉलोवर्स बढ़ाने हेतु तुर्की से खरीद, भाजपा की प्रवक्ता ज्योति ने आरोप लगाये थे 

2- गहलोत सरकार द्वारा सरकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार हेतु डमी एकाउन्ट बनाने का मामला, इसमें किसी अधिकारी को निलंबित किया था।


कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार के समय के सोशल मीडिया से जुड़े वे दो प्रमुख प्रकरण ये हैं:-

1. तुर्की से फेसबुक लाइक्स खरीदने का आरोप जुलाई 2013 में, भाजपा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर अपने फेसबुक फॉलोवर्स की कृत्रिम रूप से संख्या बढ़ाने का आरोप लगाया था.

भाजपा प्रवक्ता ज्योति किरण (Jyoti Kiran) ने दावा किया था कि मात्र 30 दिनों में गहलोत के पेज के लाइक्स \(\approx 1.6\) लाख से बढ़कर \(\approx 2.14\) लाख हो गए, जिनमें अधिकांश फॉलोवर्स तुर्की के शहर इस्तांबुल (Istanbul) के थे。 भाजपा ने इसे आईटी (IT) फर्म के माध्यम से लाइक खरीदने का मामला बताया था。

2. सरकारी योजनाओं के प्रचार हेतु डमी अकाउंट्स का मामलाअगस्त 2022 में, राजस्थान सरकार के आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग (Department of Economics and Statistics) का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ。 इसमें गवर्नमेंट इंटर्नशिप प्रोग्राम के लाभार्थियों से राज्य सरकार की योजनाओं के प्रचार के लिए ट्विटर और फेसबुक पर 'डमी अकाउंट' बनाने के लिए कहा गया था。

 विवाद बढ़ने पर विभाग के निदेशक ने ऐसे किसी भी आदेश से इनकार किया。 इस फर्जी आदेश के मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए सवाई माधोपुर में तैनात सहायक निदेशक (सतीश कुमार सहारिया) को निलंबित कर दिया गया था और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी。

सांख्यिकी विभाग सवाई माधोपुर द्वारा जारी किया गया एक लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें युवा मित्रों को लेकर ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे युवा मित्रों की नियुक्त करें और प्रत्येक युवा मित्र को ट्यूटर पर 10-10 और फेसबुक पर पांच-पांच डमी अकाउंट बनाकर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए है. 



भाजपा प्रदेश मंत्री जितेंद्र गोठवाल का कहना है कि फर्जी अकाउंट बनान IPC की धारा 419 के तहत अपराध है और आईटी एक्ट का उलंघन है, गोठवाल का कहना है कि राज्य सरकार अपनी योजनाओं का फर्जी तरीके से डमी अकाउंट बनवाकर प्रचार प्रसार करवाकर प्रदेश के युवाओं के साथ छलावा कर रही है और युवाओं को अपराध की और धकेल रही है. गोठवाल ने इस पूरे मामले में विशेष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, वहीं इस पूरे मामले पर सांख्यिकी सहायक निदेश सतीश कुमार सहरिया का कहना है कि उनके द्वारा इस तरह डमी अकाउंट बनाकर सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के आदेश जारी नहीं किए गए है. उनके द्वारा जो आदेश जारी किए गए हैं उसमें डमी शब्द का कहीं भी प्रयोग नहीं किया गया है. वहीं मामले के तूल पकड़ने के बाद सहायक निदेशक ने एक आदेश जारी कर सोशल मीडिया पर वायरल आदेश का खंडन किया है.

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