कविता - हर मुश्किल के सामने साहस अभी से,
हर मुश्किल के सामने साहस अभी से,
भारत नहीं डरता किसी चुनौती से।
मोदीजी की अगुवाई में, हमेशा सफलता पाई है,
इधर उधर की बात न कर, पूरा देश मोदीजी की अंगड़ाई है।
भारत नहीं डरता किसी चुनौती से।
=====1=====
सीमा पर जब संकट आया, वीरों ने ललकारा है,
दुश्मन की हर चाल को, भारत ने घुस कर मारा है।
विश्व मंच पर आज तिरंगा ऊँचा लहराता है,
मोदीजी के नेतृत्व में भारत ने गौरव पाया है।
भारत नहीं डरता किसी चुनौती से।
=====2=====
आत्मनिर्भर भारत का अब हर सपना साकार हुआ,
गाँव-गाँव तक विकास पहुँचा, जन-जन का उद्धार हुआ।
चंद्रयान से लेकर सेना के पुरषार्थ तक दुनिया ने सम्मान किया,
भारत माता के सपूतों ने परम पुरषार्थ से नव इतिहास रचा।
भारत नहीं डरता किसी चुनौती से।
=====3=====
राम मंदिर की पावन ध्वनि, संस्कृति का अभिमान बनी,
काशी, केदार, महाकाल की फिर से नई पहचान बनी।
हर हिन्दुस्तानी के मन में राष्ट्रभक्ति की ज्वाला है,
मोदीजी के संकल्पों ने भारत को संभाला है।
भारत नहीं डरता किसी चुनौती से।
=====4=====
युवा शक्ति अब जाग उठी है, नया सवेरा आया है,
विश्वगुरु बनने का सपना भारत ने अपनाया है।
हर दिल में अब जोश भरा है, हर आँख में उजियारा है,
मोदीजी नें कर्मभूमि से भारत का भविष्य संवारा है।
भारत नहीं डरता किसी चुनौती से।
=====समाप्त=====
अरविन्द सिसोदिया
कवि लेखक विश्लेषक और स्वतंत्र पत्रकार
मोबाईल : 9414180151
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