school TC नहीं रोक सकते
roajmer.cbse@nic.in
chmn-cbse[at]nic[dot]in
सेवा में
1. श्रीमान प्रधानमंत्री महोदय
भारत सरकार, नई दिल्ली
2. श्रीमान मानव संसाधन विकास मंत्री महोदय
भारत सरकार, नई दिल्ली
3. श्रीमान मुख्यमंत्री महोदय
राजस्थान सरकार, जयपुर
4. श्रीमान शिक्षा मंत्री महोदय
राज्य सरकार शासन सचिवालय, जयपुर
5. श्रीमान अध्यक्ष महोदय
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
सीबीएसई एकीकृत कार्यालय परिसर, सेक्टर-23, फेज-1, द्वारका, नई दिल्ली – 110077
6. श्रीमान क्षेत्रीय अधिकारी महोदय
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
रीजनल ऑफिस, टोडरमल मार्ग, अजमेर – 305001
7. जिला शिक्षा अधिकारी महोदय (माध्यमिक)
राजस्थान सरकार, जयपुर
विषय : किसी भी विद्यार्थी की टी.सी. अथवा मार्कशीट रोकने वाले विद्यालय की मान्यता अगले पाँच वर्षों हेतु रद्द करने, विद्यालय का सरकारी अधिग्रहण करने तथा प्रत्येक शिकायत पर ₹10 लाख जुर्माने का प्रावधान किए जाने बाबत।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि वर्तमान समय में अनेक निजी एवं महंगे / फाइवस्टार विद्यालय, विद्यार्थियों की ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टी.सी.), अंकतालिका (मार्कशीट) अथवा अन्य आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेज विभिन्न कारणों से रोक लेते हैं। प्रायः यह कार्य बकाया शुल्क अथवा अन्य प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर किया जाता है। इस प्रकार की प्रवृत्ति विद्यार्थियों के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय है।
विद्यालयों द्वारा टी.सी. अथवा मार्कशीट रोके जाने से विद्यार्थियों का बहुमूल्य शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो जाता है। कई विद्यार्थियों का नए विद्यालय में प्रवेश रुक जाता है, प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन नहीं हो पाता तथा मानसिक तनाव एवं सामाजिक असुविधा का सामना करना पड़ता है। शिक्षा का अधिकार प्रत्येक विद्यार्थी का मौलिक अधिकार है तथा किसी भी परिस्थिति में विद्यालयों को विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
भारत की न्यायपालिका नें अनेकों निर्णय इस हेतु दिये हैँ कि कोई भी विद्यालय किसी भी बकाये के आधार पर tc या मार्कशीट बंधक बनाना गैर कानूनी है। बच्चों का भविष्य खराब करने का अधिकार किसी को नहीं है।
TC या मार्कशीट रोकना ठीक वैसे ही अनैतिक है जैसे प्राइवेट चिकित्सालय इलाज के दौरान मृतक का शरीर रोक लेते हैँ।
किसी भी विद्यालय को शिक्षा हेतु मान्यता दी जाती है उसे फाइव स्टार कल्चर और मंहगी सामग्री ड्रेस एवं अन्यसंसाधनों द्वारा व्यापार करने की नहीं। महंगी और अतिरिक्त संसाधन द्वारा मोटी फीस की वसूलीयां स्वयं अपराध और भारतीय संविधान की आवेलना है। समता का क़ानून किसी भी तरह से सामान्य शिक्षण को संसाधनों की ओट से प्रभावित करंनें की अनुमति नहीं देता।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि विद्यार्थियों के हितों की रक्षा हेतु निम्नलिखित कठोर प्रावधान लागू किए जाएँ —
1- किसी भी विद्यार्थी को किसी भी विद्यालय में प्रवेश का सीधा अधिकार होगा, कोई भी विद्यालय अविभावक परीक्षण या विद्यार्थी परीक्षण नहीं करेगा, जरूरी दस्तावेज जो सरकार नें तय किए वे ही पर्याप्त होंगे।
2- किसी भी विद्यार्थी की TC रोकने की स्थिति में, दूसरा विद्यालय बिना TC के भी प्रवेश दिया जा सकेगा, इस तरह के विद्यार्थी की सूचना जिला / ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को प्रवेश देनें वाला विद्यालय देगा, तब संबंधित विद्यालय से TC प्राप्त करनें की जिम्मेदारी सरकारी अधिकारी की होगी।
3. कोई भी विद्यालय यदि किसी विद्यार्थी की टी.सी., मार्कशीट अथवा अन्य शैक्षणिक दस्तावेज रोकता पाया जाए तो उसकी मान्यता तत्काल प्रभाव से अगले पाँच वर्षों हेतु निरस्त की जाए।
4. ऐसे विद्यालय का प्रशासनिक अधिग्रहण सरकार द्वारा किया जाए ताकि विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित न हो।
5. प्रत्येक प्रमाणित शिकायत पर संबंधित विद्यालय पर न्यूनतम ₹10 लाख का आर्थिक दंड लगाया जाए।
6. विद्यार्थी अथवा अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित समाधान हेतु जिला स्तर पर विशेष शिकायत निवारण प्रकोष्ठ स्थापित किया जाए।
7. सभी विद्यालयों को यह निर्देश जारी किए जाएँ कि किसी भी परिस्थिति में विद्यार्थियों के मूल शैक्षणिक दस्तावेज रोकना पूर्णतः अवैध एवं दंडनीय माना जाएगा।
महोदय, शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों का भविष्य निर्माण करना है, न कि प्रशासनिक अथवा आर्थिक दबाव बनाकर उन्हें मानसिक प्रताड़ना देना। अतः विद्यार्थियों के हित में इस विषय पर शीघ्र कठोर एवं प्रभावी कार्यवाही किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
अतः आपसे निवेदन है कि उपरोक्त विषय पर आवश्यक नियम एवं कानून बनाकर विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा करने की कृपा करें।
सधन्यवाद।
भवदीय
(हस्ताक्षर)
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दिनांक : ____________________
सेवा में
1- श्रीमान प्रधानमंत्री महोदय
भारत सरकार, नई दिल्ली
2- श्रीमान मानव संसाधन विकास मंत्री महोदय
भारत सरकार, नई दिल्ली
3- श्रीमान मुख्यमंत्री महोदय
राजस्थान सरकार, जयपुर
4- श्रीमान शिक्षा मंत्री महोदय
राज्य सरकार शासन सचिवालय,
जयपुर।
5- श्रीमान अध्यक्ष महोदय
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
सीबीएसई एकीकृत कार्यालय परिसर, सेक्टर-23, फेज-1, द्वारका नई दिल्ली - 110077
6- श्रीमान क्षेत्रीय अधिकारी महोदय
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
REGIONAL OFFICE, AJMER TODARMAL MARG, AJMER-305001
7- जिला शिक्षा अधिकारी महोदय (माध्यमिक)
राजस्थान सरकार,जयपुर
विषय - किसी भी विद्यार्थी की टी सी अथवा मार्कसीट रोकने वाले स्कूल की मान्यता अगले पांच साल को रद्द, स्कूल का अधिग्रहण सरकार के पास और प्रति शिकायत पर 10 लाख रूपये जुर्माने का प्रावधान बनाये जानें के संदर्भ में।
मान्यवर,
यह प्राया देखने में आरहा है कि प्राइवेट और मंहगे स्कूल अक्सर विद्यार्थी की टी सी अथवा मार्कसीट रोक लेते हैँ। जिससे उस विद्यार्थी का बहुमूल्य सत्र का कार्यकाल नष्ट हो जाता है। इस प्रकार की दूषित प्रवृति अधिकांशतः पाई जाती है।
CBSE का राजस्थान के लिए क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Office) जयपुर में नहीं, बल्कि अजमेर में स्थित है। जयपुर के सभी CBSE स्कूल इसी अजमेर कार्यालय के अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) में आते हैं।
अजमेर क्षेत्रीय कार्यालय का विवरण:
* पता: टोडरमल मार्ग, सिविल लाइंस, अजमेर, राजस्थान - 305030।
* संपर्क नंबर: 0145-2627460, 0145-2621228।
* ईमेल: roajmer.cbse@nic.in।
* कार्य समय: सोमवार से शुक्रवार, सुबह 9:30 से शाम 5:30 बजे तक (शनिवार और रविवार बंद)। [1, 5, 6, 7, 8]
ध्यान दें: हालांकि जयपुर में CBSE का अपना क्षेत्रीय कार्यालय नहीं है, लेकिन केन्द्रीय विद्यालय संगठन (KVS) का क्षेत्रीय कार्यालय जयपुर के बजाज नगर (गांधी नगर मार्ग) में स्थित है। यदि आपकी समस्या प्राइवेट स्कूल द्वारा टीसी रोकने से संबंधित है, तो आपको [CBSE अजमेर कार्यालय](https://www.cbse.gov.in/cbsenew/regional_office_heads.html) से ही संपर्क करना होगा। [3, 5, 9]
क्या आप मार्कशीट सुधार या प्रवेश संबंधी किसी विशेष काम के लिए कार्यालय का पता ढूंढ रहे हैं?
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नहीं, कोई भी केंद्रीय मान्यता प्राप्त (CBSE/ICSE) या निजी स्कूल किसी छात्र की टीसी (Transfer Certificate) नहीं रोक सकता, चाहे फीस बकाया हो या कोई अन्य विवाद हो। [1, 2, 3, 4]
शिक्षा के अधिकार (RTE) और विभिन्न अदालतों के फैसलों के अनुसार, स्कूल द्वारा टीसी रोकना गैरकानूनी माना गया है: [5]
* फीस विवाद अलग मामला है: दिल्ली उच्च न्यायालय और अन्य अदालतों (जैसे मद्रास और तेलंगाना HC) ने स्पष्ट किया है कि स्कूल बकाया फीस की वसूली के लिए कानूनी रास्ता अपना सकते हैं, लेकिन वे छात्र की टीसी या मार्कशीट को 'बंधक' नहीं बना सकते।
* शिक्षा का अधिकार: टीसी रोकना छात्र के शिक्षा के मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 21A) का उल्लंघन माना जाता है, क्योंकि इसके बिना वह दूसरे स्कूल में प्रवेश नहीं ले सकता।
* राजस्थान सरकार के सख्त निर्देश: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने हाल ही में (अप्रैल 2026 में) आदेश जारी कर कहा है कि निजी स्कूलों को अभिभावक के आवेदन पर तुरंत टीसी देनी होगी। टीसी अटकाने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द तक की जा सकती है।
* दस्तावेजों की अनिवार्यता: कई मामलों में अदालतों ने कहा है कि कक्षा 1 से 8 तक के प्रवेश के लिए टीसी अनिवार्य दस्तावेज नहीं है और इसकी कमी के कारण किसी बच्चे को प्रवेश से वंचित नहीं किया जा सकता। [5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13]
## यदि स्कूल टीसी देने से मना करे तो क्या करें?
1. लिखित आवेदन दें: स्कूल के प्रिंसिपल को टीसी के लिए एक औपचारिक लिखित आवेदन दें और उसकी रसीद (पावती) अपने पास रखें।
2. शिक्षा विभाग में शिकायत: समाधान न होने पर अपने जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) या ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को लिखित शिकायत दर्ज कराएं।
3. बोर्ड से संपर्क: यदि स्कूल CBSE से संबद्ध है, तो सीधे [CBSE क्षेत्रीय कार्यालय](https://www.cbse.gov.in/) में शिकायत करें।
4. कानूनी नोटिस: आप वकील के माध्यम से स्कूल को कानूनी नोटिस भेज सकते हैं या उच्च न्यायालय में 'रिट याचिका' (Writ Petition) दायर कर सकते हैं। [5, 14, 15, 16, 17]
क्या आप फीस बकाया होने के कारण आ रही समस्या का सामना कर रहे हैं या स्कूल किसी अन्य कारण से टीसी देने में देरी कर रहा है?
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दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) जयपुर, जो अब आधिकारिक तौर पर धाराव हाई स्कूल (Dharav High School) के नाम से जाना जाता है, अजमेर रोड (NH-8), भांकरोटा पर स्थित एक प्रमुख CBSE सह-शिक्षा विद्यालय है। 2003 में स्थापित, यह 15 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें 2025-26 सत्र से नया नाम और प्रबंधन प्रभावी है। यह स्कूल शैक्षणिक उत्कृष्टता, आधुनिक बुनियादी ढांचे और खेल सुविधाओं के लिए जाना जाता है। [1, 2, 3, 4, 5]
मुख्य विवरण (धाराव हाई स्कूल - पूर्व DPS जयपुर):
* स्थान: NH-8, भांकरोटा, अजमेर रोड, जयपुर।
* बोर्ड: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE)।
* स्थापना: 2003 (2025 में धाराव हाई स्कूल के रूप में नया नाम)।
* सुविधाएं: 15 एकड़ का परिसर, वातानुकूलित कक्षाएं, 24x7 सीसीटीवी सुरक्षा, 10+ खेल (स्क्वैश, फुटबॉल, क्रिकेट), और हॉस्टल सुविधा।
* शिक्षण का माध्यम: अंग्रेजी। [1, 2, 3, 4, 5, 6]
प्रवेश और अन्य जानकारी:
* प्रवेश प्रक्रिया: स्कूल में प्रवेश के लिए आमतौर पर प्रवेश परीक्षा (Entrance Test) होती है।
* संपर्क: dpsjaipur.com (अंतिम जानकारी के अनुसार वेबसाइट)।
* महत्वपूर्ण नोट: 2025-26 सत्र से, यह संस्था अब DPS सोसाइटी से अलग होकर 'धाराव हाई स्कूल' के रूप में अपनी पहचान बना रही है। [2, 3, 7]
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