वीर सावरकर का सम्मान

🔥 वीर सावरकर का सम्मान 🔥

राष्ट्राग्नि के अमर पुजारी, वीर सावरकर का सम्मान,
राणा, शिवा, लक्ष्मी, दुर्गा, सुभाष, भगत जैसा महान।
भारत माँ को जिन पर गौरव, राष्ट्र करे प्रणाम,
सावरकर तो सावरकर ही थे, तेजस्वी सूर्य के समान।
=====1=====
जिनकी लेखनी में ज्वाला थी, शब्दों में तूफान,
जिनके स्वर से काँप था अंग्रेजी सिंहासन तमाम ।
जिनकी आँखों में जलता था स्वतंत्रता का स्वाभिमान ,
क्रांति-पथ के अमर पुरोधा, आजादी के अमर प्राण।
=====2=====
अंडमान की काल-कोठरी भी जिनसे हार गई,
लोहे की हर जंजीर उनके आगे बेकार गई।
तन पर कोड़े बरसाए गए, मन फिर भी अडिग रहा,
भारत माता का वह सपूत,हर जुल्म सह कर अटल रहा।
=====3=====
दासता की काली रातों में स्वाधीनता की मशाल जली,
जहाँ-जहाँ अन्याय दिखा, वहाँ-वहाँ हुंकार भरी।
वीरों के उस रक्त से ही आज तिरंगा लहराता है,
उनके तप और त्याग से ही,भारत का मस्तक ऊँचा उठ जाता है।
=====4=====
राणा का रण, शिवा का साहस, लक्ष्मीबाई की तलवार,
दुर्गावती का तेज प्रखर, सुभाष की साहसी हुँकार।
भगत सिंह की ज्वाला लेकर जो बढ़ा प्रलय समान,
ऐसे ही अमर क्रांतिवीर थे अपने वीर सावरकर महान।
=====5=====
जिनके चिंतन में तेज प्रखर, आँखों में अंगार था,
राष्ट्रभक्ति की पावन गंगा ही जिनका श्रृंगार था।
स्वाभिमान की अमर कहानी अपने रक्त से लिख डाली,
माँ भारती के चरणों में जीवन की हर साँस चढ़ा दी।

आज वही कायर इतिहासों में भ्रम फैलाते हैं,
वीरों की गाथाओं पर भी प्रश्नचिह्न लगाते हैं।
पर सत्य सूर्य है, कब तक बादल उसे छिपाएँगे?
सावरकर के यश को मिटाने वाले स्वयं मिट जाएँगे।

जब-जब भारत माँ का गौरव संकट में घिर जाएगा,
वीर सावरकर का नाम स्वयं रणभेरी बन जाएगा।
हर युवा के रक्त में फिर ज्वाला प्रखर जलाएगा,
भारत का बच्चा-बच्चा तब “वंदे मातरम्” गाएगा।

जो सारी उम्र अंग्रेजों की करते रहे गुलामी,
जी-हुजूरी में झुक-झुक देते रहे सलामी।
स्वार्थ हेतु जो बेच चुके थे अपना धर्म-ईमान,
वे क्या समझेंगे वीरों का त्याग, तपस्या, बलिदान।

सावरकर के चरणों की धूलि के भी नहीं समान,
फिर भी करते निर्लज्ज होकर उनका अपमान।
जिसने कालापानी में भी राष्ट्रदीप जलाए रखे,
माँ भारती के चरणों में प्राणों के फूल चढ़ाए रखे।


वीर सावरकर अमर रहेंगे, अमर रहेगा उनका मान,
क्रांति, तेज, पराक्रम का वह उज्ज्वल हिंदुस्तान।
जो मातृभूमि हेतु जिए और हँसकर दिए प्राण,
ऐसे वीर सावरकर को शत-शत नमन, प्रणाम। 

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