कविता - भव से मुक्ति का दो वरदान

कविता - भव से मुक्ति का दो वरदान

- अरविन्द सिंह सिसोदिया 
मोबाईल - 9414180151
युगों युगों से जन्म लेते, मरते और फिर जन्मते,
हर पल समस्या और समाधान, कष्ट और व्यवधान,
जन्म-मरण के चक्र से मुक्त करो भगवान,
सुनो विनती हे करुणानिधान, भव से मुक्ति का दो वरदान।

माया के इस घोर वन में, भटका मन अज्ञान,
लोभ-मोह की जंजीरों में, बंधा हुआ इंसान।
क्षणिक सुखों की छाया में, खो बैठा पहचान,
अपने ही अंतर्मन से अब, हो गया अनजान।
टूटे भ्रम के सारे बंधन, जागे सत्य का ज्ञान,
सुनो विनती हे करुणानिधान, भव से मुक्ति का दो वरदान।

कर्मों का यह भारी बंधन, हर जन्मों का भार,
पाप-पुण्य की उलझन में, जीवन हुआ लाचार।
कभी हर्ष तो कभी विषाद, चलता अंतहीन संसार,
शांति की इक बूंद को तरसे, यह व्याकुल संसार।
चरणों में दे शरण प्रभु, मिट जाए अभिमान,
सुनो विनती हे करुणानिधान, भव से मुक्ति का दो वरदान।

मन के भीतर क्रोध जलाता, तृष्णा करे प्रहार,
ईर्ष्या और अहंकार ने, छीना हर श्रृंगार।
दया, धर्म और प्रेम बिना, सूना जीवन द्वार,
तेरी कृपा की रश्मि से ही, होगा उद्धार।
भक्ति का दीपक जल उठे, मिटे तम का निशान,
सुनो विनती हे करुणानिधान, भव से मुक्ति का दो वरदान।

तेरे नाम का अमृत पाकर, निर्मल हो यह प्राण,
हर श्वासों में बस जाए, तेरा ही गुणगान।
नहीं चाहिए स्वर्ग का सुख, न वैभव का सम्मान,
बस इतनी सी अभिलाषा — मिले चरणों में स्थान।
अंत समय जब प्राण निकलें, हो तेरा ही ध्यान,
सुनो विनती हे करुणानिधान, भव से मुक्ति का दो वरदान।

जब तक यह जीवन शेष रहे, सेवा बने विधान,
दुखियों के आँसू पोंछ सकूँ, यही रहे अरमान।
हर जीव में तेरा दर्शन हो, मिटे भेद का भान,
प्रेम सुधा से भर जाए फिर, यह सारा जहान।
करुणा, सत्य और शांति से, महके यह इंसान,
सुनो विनती हे करुणानिधान, भव से मुक्ति का दो वरदान।

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

25 वर्षों में जनसेवा से वैश्विक नेतृत्व तक, मोदीजी की स्वाभिमानी राष्ट्र निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा — अरविन्द सिसोदिया

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

भगवान कृष्ण का जलवा पूजन : डोल ग्यारस

'उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन' क्यों...?

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

जगाया तुमको कितनी बार jgaya tumko kitni bar

जनसांख्यिकीय हेरफेर घुसपैठ से कहीं अधिक सामाजिक सद्भाव के लिए 'बड़ा खतरा' है: प्रधानमंत्री मोदी

Lord Dattatreya's 24 Gurus and the Teachings Received from Them