सोमवार, 26 दिसंबर 2011

{अन्ना प्रकरण} प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू संघ के क्या हुए...?





- अरविन्द सिसोदिया   
यदि एक चित्र से ही कोई किसी का एजेंट हो जाता हे जैसा की कांग्रेस ने अन्ना का चित्र नाना जी के साथ होने से कहा ! तो भारत के प्रधानमंत्री और कांग्रेस के सर्वे सर्वा जवाहर लाल नेहरु ने  तो राष्ट्रिय  स्वयंसेवक संघ को १९६३ में गणतंत्र दिवस पर परेड में सम्मिलित किया था ..वे संघ के क्या हुए...?
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संघ की उपस्थिति भारतीय समाज के हर क्षेत्र में महसूस की जा सकती है जिसकी शुरुआत सन १९२५ से होती है। उदाहरण के तौर पर सन १९६२ के भारत-चीन युद्ध में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू संघ की भूमिका से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने संघ को सन १९६३ के गणतंत्र दिवस की परेड में सम्मिलित होने का निमन्त्रण दिया। सिर्फ़ दो दिनों की पूर्व सूचना पर तीन हजार से भी ज्यादा स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में वहाँ उपस्थित हो गये।
वर्तमान समय में संघ के दर्शन का पालन करने वाले कतिपय लोग देश के सर्वोच्च पदों तक पहुँचने मे भीं सफल रहे हैं। ऐसे प्रमुख व्यक्तियों में उपराष्ट्रपति पद पर भैरोंसिंह शेखावत, प्रधानमंत्री पद पर अटल बिहारी वाजपेयी एवं उपप्रधानमंत्री व गृहमंत्री के पद पर लालकृष्ण आडवाणी जैसे लोग शामिल हैं।


Role during the 1962 China-Indian War
The RSS  volunteer work's, during the China -Indian War in 1962. RSS was invited by Prime Minister Jawaharlal Nehru to take part in the Indian Republic day parade of 1963. It along with several other civilian organizations took part in the parade. This event helped the RSS increase its popularity and its patriotic image.
Later in 1965 and 1971 Indo-Pak wars too, the RSS volunteers offered their services to maintain law and order of the country and were apparently the first to donate blood.


                                                                   एक पथ संचलन

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