कांगेसी लोकपाल बिल तो भ्रष्टाचारियों का सुरक्षा कवच



- अरविन्द सिसोदिया 


  अच्छा ही हुआ कि कांग्रेस का नकली लोकपाल बिल पास नहीं हुआ , अन्यथा लोकपाल को शिकायत करने वाले कि खैर नहीं थी ....! इसमें भरी तबदीली कि जरुरत हे .., शिकायत इस प्रकार से करने कि सुविधा हो कि उसकी जांच हो सके और साबित करने , साक्ष्य जुटाने का भार भी सरकारी जांच एजेंसी पर हो जो कि निष्पक्ष हो और लोकपाल के ही अंतर्गत हो ..!! शिकायत करता को जांच और साक्ष्य जुटाने की जवाव देहि से मुक्त रखना चाहिए , वह सूचना दे रहा हे यह भी काफी हे ...शिकायत को गुप्त  रखनें की बात रखी जा सकती हे ...!

” कांग्रेस और उसके नेता यथा सोनियाजी, राहुलजी,पवन बंसलजी, अभिषेक सिंघवी जी और कई सारे,,,,,कांगेसी लोकपाल बिल के लोकसभा मे संवैधानिक दर्जा नहीं मिलने और राज्यसभा में पास नहीं होने का ठीकरा विपक्ष और भाजपा के सिर फोड रहे है। यह गलत है, कांग्रेस के पास दोनों ही सदनों में बहूमत नहीं है। उसक खुद के सदस्यों की संख्या तो काफी कम है। इस स्थिती में सबसे सलाह मशविरा करके ही बिल आता तो पास होता । कांगेस ने एक तानाशाह की तरह हुक्म फरमाया कि हम चुनावी फायदे का बिल पेश कर रहे हैं इस पर सब मोहर लगाओं । भारतीय लोकतंत्र अभी इतना गुलाम नहीं हुआ कि इटालियन इस पर ईस्ट इण्डिया कंपनी की तरह हुक्म बजायें । संसद में सांसदों ने जो किया ठीक किया । देशहित में और राज्यों के हित में किया । कांगेसी लोकपाल बिल तो भ्रष्टाचारियों की सुरक्षा के लिये बनाया गया हैं इसमें भारी तबदीली की जरूरत है। “

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