सुनो राहुलजी - राज्य महिमा, केन्द्र के गुलछरे राज्यों की जनता के पैसे से..





सुनो राहुलजी - राज्य महिमा..........
राज्यों की जनता के पैसे से केन्द्र की सरकार चलती है....
केन्द्र सरकार चाहे कांग्रेस नेतृत्व की हो या किसी ओर दल की, उसके खजानें में पैसा विदेशों से नहीं आता, जो उनके नेता यह कहते हें कि हम पैसा भेजते हैं और राज्य खा जाते है। सच यह है कि, यह सारा पैसा राज्यों की जनता भेजती है केन्द्र सरकार के खजानें में, एक्साइज डियूटी, कस्टम, आयकर, सेवाकर और कई अनेक प्रकार के करों और राज्यों की सम्पतियों के कारण से पैसा आता है। तब केन्द्र सरकार खर्च करती है। संघ शासित क्षैत्र हे कितना सा ..., उनमें कितनी जनसँख्या और कितने लोग हें .., उनसे कितना सा  टैक्स आपात हे | जो भी होता हे वह राज्यों की जनता के  धन से होता हे | 
राज्यों की जनता के पैसे से ही केन्द्र सरकार चलती है और उसी में से वह खुद व राज्यों पर खर्च करती है। फिर बार - बार यह कहना कि हम पैसा भेजते हैं राज्य सरकार खा जाती है। क्या औचित्य है इसका ????? राज्यों की सरकार और जन प्रतिनिधियों पर यह कैसी दादागिरी भई ? केन्द्र गुलछरे ही राज्यों की जनता के पैसे से उडा रहा है। एक दिन भी राज्यों का पैसा नहीं पहुचे तो हाहाकार मच जायेगा। और यह भी कि राज्यों की जनता से ही लोकसभा और राज्य सभा बनती है। 

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

25 वर्षों में जनसेवा से वैश्विक नेतृत्व तक, मोदीजी की स्वाभिमानी राष्ट्र निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा — अरविन्द सिसोदिया

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

भगवान कृष्ण का जलवा पूजन : डोल ग्यारस

'उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन' क्यों...?

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

जगाया तुमको कितनी बार jgaya tumko kitni bar

जनसांख्यिकीय हेरफेर घुसपैठ से कहीं अधिक सामाजिक सद्भाव के लिए 'बड़ा खतरा' है: प्रधानमंत्री मोदी

Lord Dattatreya's 24 Gurus and the Teachings Received from Them