चंदन है इस देश की माटी तपोभूमि हर ग्राम है






- राष्ट्रिय स्वंयसेवक संघ का एक गीत ....

चंदन है इस देश की माटी तपोभूमि हर ग्राम है

चंदन है इस देश की माटी तपोभूमि हर ग्राम है

हर बाला देवी की प्रतिमा बच्चा बच्चा राम है || ध्रु ||

===१===


हर शरीर मंदिर सा पावन हर मानव उपकारी है

जहॉं सिंह बन गये खिलौने गाय जहॉं मॉं प्यारी है

जहॉं सवेरा शंख बजाता लोरी गाती शाम है || 1 ||

===२===


जहॉं कर्म से भाग्य बदलता श्रम निष्ठा कल्याणी है

त्याग और तप की गाथाऍं गाती कवि की वाणी है

ज्ञान जहॉं का गंगाजल सा निर्मल है अविराम है || 2 ||

===३===


जिस के सैनिक समरभूमि मे गाया करते गीता है

जहॉं खेत मे हल के नीचे खेला करती सीता है

जीवन का आदर्श जहॉं पर परमेश्वर का धाम है || 3 ||

===========

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

दशा माता पूजन Dasha Mata Puja

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

शीतला माता Sheetla Mata शीतला अष्टमी ( बसौड़ा )

हमें वीर केशव मिले आप जबसे : संघ गीत

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

हमारा देश “भारतवर्ष” : जम्बू दीपे भरत खण्डे

राजस्थान के व्याबर जिले में देवमाली गांव,कैंसर का 'झाड़ा'

गणगौर : अखंड सौभाग्य का पर्व Gangaur - festival of good luck