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दिसंबर 3, 2013 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

चुनाव आयोग का आदेश, मतदान वाले दिन दिल्ली में रहेगी छुट्टी...!

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राज्य » दिल्ली चुनाव आयोग का आदेश, मतदान वाले दिन रहेगी छुट्टी...! कई लोग छुट्टी न होने की वजह से मतदान नहीं कर पाते हैं, लेकिन अब जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, वहां के सरकारी और निजी सहित सभी प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश मिलेगा। चुनाव आयोग की ओर से चुनाव वाले राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे गए एक आदेश में कहा गया है कि जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 135 बी में मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश का प्रावधान है। आयोग ने कहा कि प्रावधान के तहत जिस क्षेत्र में आम चुनाव या उप चुनाव हो वहां के सभी प्रतिष्ठान और दुकानें बंद रहना जरूरी है। उन संस्थानों का बंद होना भी जरूरी है जहां पाली आधार पर काम होता है। हालांकि चुनाव आयोग के आदेश के बावजूद उन लोगों के लिए समस्‍या आ सकती है जो वोटर तो दिल्‍ली के हैं, लेकिन एनसीआर में काम करते हैं। दिल्‍ली के ऐसे वोटर बुधवार वाले दिन कैसे मतदान करेंगे, यह बड़ा सवाल है। ------------- बुधवार को 1.19 करोड़ मतदाता दिल्ली का भाग्यविधाता तय करने के लिए वोट डाल पायेंगे। उनमें से 4.05 लाख पहली बार वोट वोट डालने जा रहे है

1984 के सिख नरसंहार दंगा मामले में सज्जन को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं

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कोंग्रेस यह बताये कि १९८४ के सिख नरसंहार के लिए किसी एक को भी सजा क्यों नहीं हुई…… 1984 दंगा मामले में सज्जन कुमार को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं Updated on: Tue, 03 Dec 2013 नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। सिख दंगा मामले में आरोपी वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने सज्जन कुमार की आरोप निरस्त करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। कुमार ने ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट से निराश होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका खारिज होने के बाद साफ हो गया है कि सज्जन कुमार पर सुल्तानपुरी थाने में दर्ज मुकदमा चलता रहेगा। उन्हें अब अदालत में ट्रायल के दौरान गवाह और सुबूत पेश कर अपने को निर्दोष साबित करना होगा। न्यायमूर्ति एके पटनायक की अध्यक्षता वाली पीठ ने सज्जन कुमार के साथ ही दूसरे अभियुक्तों वेद प्रकाश और ब्रह्मनंद गुप्ता की याचिकाएं भी खारिज कर दी हैं। इन दोनों ने भी निचली अदालत के आरोप तय करने के आदेश के सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता की आरोप निरस्त करने की मांग खा

भारतीय संविधान की धारा 370 क्या है ?

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धारा 370 की वजह से कश्मीर में RTI लागु नहीं है । धारा 370 की वजह से कश्मीर में RTE लागू नहीं है । धारा 370 की वजह से कश्मीर में CAG लागू नहीं होता । धारा 370 की वजह से कश्मीर में भारत का कोई भी कानून लागु नहीं होता । धारा 370 की वजह से कश्मीर में महिलाओं  पर शरियत कानून लागु है । धारा 370 की वजह से कश्मीर में पंचायत के अधिकार नहीं । धारा 370 की वजह से कश्मीर में चपरासी को 2500 ही मिलते है । धारा 370 की वजह से कश्मीर में अल्पसंख्यको को 16 % आरक्षण नहीं मिलता । धारा 370 की वजह से कश्मीर में बाहर के लोग जमीन नहीं खरीद सकते है । धारा 370 की वजह से ही पाकिस्तानियो को भी भारतीय नागरीकता मिल जाता है । इसके लिए पाकिस्तानियो को केवल किसी कश्मीरी लड़की से शादी करनी होती है । अच्छी शुरुवात है कम से कम 370 हटाने की दिशा में एक कदम आगे की ओर मोदी जी को धन्यवाद जो उन्होनें धारा 370 का मुद्दा उठाया ।   क्या है भारतीय संविधान की धारा 370? 03 Dec 2013 भारतीय संविधान की धारा 370 आजकल सुर्खियों में है. दरअसल भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू की रै