भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम, 10 मई की तारीख देश के गौरव का दिन है
यह वह धरती है जहाँ वीर उगाये जाते हैं , तलवारों की धारों पर शीश चढ़ाये जाते हैं । क्या कोई जीतेगा इसका,यहाँ बलिदानों से विजय बुलाई जाती है , शौर्य - तेज की हर सुबह हुंकार लगाई जाती है , जौहर और बलिदानों के सतत मंजर, युग युग से हमनें देखे है , यहां जीवन देकर,राष्ट्र जीवन को अमरता संभलाई जाती है ! - अरविन्द सिसोदिया - अरविन्द सिसोदिया इतिहासकारों का कहना है कि 10 मई की तारीख स्वाधीनता संग्राम के इतिहास की सर्वाधिक महत्वपूर्ण तारीख है, क्योंकि आज ही के दिन 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ योजनाबद्ध ढंग से लड़ाई शुरू हुई थी। हालाकिं मंगल पांडे और ईश्वरी प्रसाद ने हालांकि 1857 के मार्च और अप्रैल महीने में ही आजादी की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया था लेकिन योजनाबद्ध संग्राम की शुरुआत की तारीख 10 मई मानी जाती है। मेरठ, झांसी, लखनऊ और कानपुर इस संग्राम के बहुत बड़े केंद्र थे | लेकिन इस दिन उत्तरप्रदेश और भारत सरकार ने भी कोई खास आयोजन नहीं किया। जबकि 10 मई की तारीख देश के गौरव का दिन है लेकिन इसे भुला देना शर्म की बात है। 10 मई को भड़की चिनगारी दिल्ली तक पहुंच...