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जल थल से अम्बर से फिर, हिन्दू की जय जय कार उठे - सरसंघचालक भागवत जी

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जल थल से अम्बर से फिर, हिन्दू की जय जय कार उठे - भागवत जी   श्री विजयादशमी उत्सव 2024 – सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के उद्बोधन का सारांश आज के कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि आदरणीय डॉ. कोपिल्लिल राधाकृष्णन जी, मंच पर उपस्थित विदर्भ प्रांत के मा. संघचालक, मा. सह संघचालक, नागपुर महानगर के मा. संघचालक, अन्य अधिकारी गण, नागरिक सज्जन, माता भगिनी तथा आत्मीय स्वयंसेवक बन्धु । श्री विजयादशमी युगाब्द 5126 के पुण्यपर्व पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने कार्य के 100वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। पुण्य   स्मरण पिछले वर्ष इसी पर्व पर हमने महारानी दुर्गावती के तेजस्वी जीवन यज्ञ का उनकी जन्मजयंती के 500वें वर्ष के निमित्त स्मरण किया था। इस वर्ष पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर जी की 300वीं जन्मशती का वर्ष मनाया जा रहा है। देवी अहिल्याबाई एक कुशल राज्य प्रशासक, प्रजाहितदक्ष कर्तव्यपरायण शासक, धर्म संस्कृति व देश की अभिमानी, शीलसंपन्नता का उत्तम आदर्श तथा रण – नीति की उत्कृष्ट समझ रखने वाली राज्यकर्ता थी। अत्यंत विपरीत परिस्थितियों में भी अद्भुत क्षमता का परिचय देते हुए घर को, राज्य को; स्वयं की अखि...