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दिसंबर 26, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कांग्रेस : यूपी में मुस्लिम वोट हडपने के लिये.....,अन्ना संघ के

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- अरविन्द सिसोदिया  अन्ना हजारे यदि संघ के हैं अथवा नहीं हैं... इस बात की पडताल की जरूरत ही कहां है ? जरूरत तो सिर्फ इस बात की है कि - आपको अन्ना का जन लोकपाल बिल पशंद है या नहीं ?? नहीं पशंद तो साफ मना करो हम नहीं करते ! वे संघ के हैं या किसी ओर के हैं इसका क्या मतलब ??? आपके मन में पाप है... इसलिये इस तरह की हल्की बात कर रहे है। संघ स्थल पर महात्मा गांधी भी गये थे। नेताजी सुभाषचन्द्र बोस ने माननीय हेडगेवार जी से भेंट भी की थी। प्रधानमत्री रहते हुये जवाहरलाल नेहरू जी ने.... संघ के स्वंयसेवकों को 1963 में गणतंत्र दिवस की परेड में सम्मिलित किया था। कांग्रेस के दिमागी दिवालिये पन की तो हद हो गई, सब संघ के एजेंट हो गये। साफ कहो न यूपी में मुस्लिम वोट हडपने के लिये... अन्ना को संघ से जोडा ताकि मुस्लिम तबका बचा रहे ।

{अन्ना प्रकरण} प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू संघ के क्या हुए...?

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- अरविन्द सिसोदिया    यदि एक चित्र से ही कोई किसी का एजेंट हो जाता हे जैसा की कांग्रेस ने अन्ना का चित्र नाना जी के साथ होने से कहा ! तो भारत के प्रधानमंत्री और कांग्रेस के सर्वे सर्वा जवाहर लाल नेहरु ने  तो राष्ट्रिय  स्वयंसेवक संघ को १९६३ में गणतंत्र दिवस पर परेड में सम्मिलित किया था ..वे संघ के क्या हुए...? ------- http://hi.wikipedia.org/wiki संघ की उपस्थिति भारतीय समाज के हर क्षेत्र में महसूस की जा सकती है जिसकी शुरुआत सन १९२५ से होती है। उदाहरण के तौर पर सन १९६२ के भारत-चीन युद्ध में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू संघ की भूमिका से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने संघ को सन १९६३ के गणतंत्र दिवस की परेड में सम्मिलित होने का निमन्त्रण दिया। सिर्फ़ दो दिनों की पूर्व सूचना पर तीन हजार से भी ज्यादा स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में वहाँ उपस्थित हो गये। वर्तमान समय में संघ के दर्शन का पालन करने वाले कतिपय लोग देश के सर्वोच्च पदों तक पहुँचने मे भीं सफल रहे हैं। ऐसे प्रमुख व्यक्तियों में उपराष्ट्रपति पद पर भैरोंसिंह शेखावत, प्रधानमंत्री पद पर अटल बिहारी वाजपेयी एवं उपप्रधानमंत्री व गृहमंत्री क

अन्ना एजेंट नहीं : संघ को कोई एजेन्ट रखने की जरूरत नहीं

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राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, विश्व का सबसे बडा सामाजिक संगठन है। संघ को कोई एजेन्ट रखने की जरूरत नहीं है। 1925 से निरंतर देश सेवा का उसका स्वर्णिम इतिहास रखता है। उसका सिद्यांत - तेरा वैभव अमर रहे मां भारती..,हम दिन चार रहें न रहें...!! देश का भला हो उस हर कार्य में संघ मदद करता हे ...! चाहे युद्ध हो , आपदा हो ...या राष्ट्र हित के कार्य हों ...... देश में होने वाले हर राष्ट्र विरोधी कार्य का प्रतिकार करना संघ का प्रथम कर्तव्य है। देश न तो राजनैतिक दलों को बेंचा है न ही यह किसी दल की बपौती है। देश देशवासियों का है, संघ के सभी स्वंयसेवक राष्ट्रभक्त नागरिक हैं। http://zeenews.india.com/hindi/news    मुंबई  : अन्ना हजारे के आरएसएस के दिवंगत नेता नानाजी देशमुख के साथ नजदीकी संबंध होने की खबरों से इंकार करते हुए टीम अन्ना के सदस्य अरविन्द केजरीवाल ने रविवार को कहा कि यह लोकपाल विधेयक से ध्यान बंटाने की कांग्रेस की चाल है। मीडिया के एक वर्ग में यह खबर आयी है कि अन्ना के संघ प्रचारक देशमुख के साथ करीबी संबंध थे। केजरीवाल ने कहा, कांग्रेस सरकार इस तरह की अफवाहें फैलाकर अन्ना को अन