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गणेश आरती : जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा

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गणेश आरती जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥१ एकदन्त दयावन्त चार भुजाधारी। मस्तक पर सिन्दूर सोहे मूसे की सवारी॥२ अन्धन को आंख देत कोढ़िन को काया। बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥३ पान चढ़ै फूल चढ़ै और चढ़ै मेवा। लडुअन का भोग लागे सन्त करें सेवा॥४ दीनन की लाज राखो शम्भु-सुत वारी। कामना को पूरी करो जग बलिहारी॥५

बांके बिहारीजी की आरती

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श्री बांके बिहारीजी की आरती ~~~ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,कुंज बिहारी तेरी आरती गाऊं॥ श्री बांके बिहारी …… श्याम सुंदर तेरी आरती गाऊं। श्री बांके बिहारी …… मोर मुकुट प्रभु शीश पे सोहे, प्यारी बंशी मेरो मन मोह, देखि छबि बलिहारी जाऊं॥ श्री बांके बिहारी …… चरणों से निकली गंगा प्यारी, जिसने सारी दुनिया तारी, मैं उन चरणों के दर्शन पाऊं॥ श्री बांके बिहारी …… दास अनाथ के नाथ आप हो,दुख सुख जीवन प्यारे साथ हो,हरि चरणों में शीश नवाऊं॥ श्री बांके बिहारी …… श्री हरि दास के प्यार तुम हो,मेरे मोहन जीवन धन हो,देखि युगल छवि बलि-बलि जाऊं॥ श्री बांके बिहारी …… आरती गाऊं प्यारे तुमको रिझाऊं,हे गिरधर तेरी आरती गाऊं॥ श्री बांके बिहारी …… ***