क्रूर अंग्रेजों ने तॉप से उड़ा दिये थे 65 नामधारी सिखों को satguru ram singh kooka vidroh
क्रूर अंग्रेजों ने तॉप से उड़ा दिये थे 65 नामधारी सिखों को 12 साल दे बालक का सर कलम किया था इन मानवता के दुश्मनों नें अंग्रजो की गो हत्या के विरोध में धर्म युद्ध किया था नामधारी सिखों नें मालेरकोटला (संगरूर) : एतिहासिक शहर मालेरकोटला की धरती पर देश की स्वतंत्रता के लिए नामधारी सिखों द्वारा चलाए गए कूका आंदोलन के तहत 66 नामधारी सिख शहीद हो गए थे। नामधारी सिखों की कुर्बानियों को जंग-ए-आजादी के एतिहासिक पन्नों में कूका लहर के नाम से अंकित किया गया है। असहयोग आंदोलन के दौरान संत गुरु राम सिंह ने 12 अप्रैल 1857 को श्री भैणी साहिब जिला लुधियाना से जब अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध आवाज उठाई थी, तब भारतवासी गुलामी के साथ-साथ अधर्मी, कुकर्मी व सामाजिक कुरीतियों के शिकार थे। इन परिस्थितियों में गुरु जी ने लोगों में स्वाभिमानता जागृत की। साथ ही भक्ति व वीर रस पैदा करने, देशप्रेम, आपसी भाईचारा, सहनशीलता व मिल बांट कर खाने के लिए प्रेरित किया। सतगुरु राम सिंह एक महान सुधारक व रहनुमा थे, जिन्होंने समाज में पुरुषों व स्त्रियों की संपूर्ण तौर पर एकता का प्रचार किय...