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दिसंबर 16, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

चंदन है इस देश की माटी तपोभूमि हर ग्राम है

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- राष्ट्रिय स्वंयसेवक संघ का एक गीत .... चंदन है इस देश की माटी तपोभूमि हर ग्राम है चंदन है इस देश की माटी तपोभूमि हर ग्राम है हर बाला देवी की प्रतिमा बच्चा बच्चा राम है || ध्रु || ===१=== हर शरीर मंदिर सा पावन हर मानव उपकारी है जहॉं सिंह बन गये खिलौने गाय जहॉं मॉं प्यारी है जहॉं सवेरा शंख बजाता लोरी गाती शाम है || 1 || ===२=== जहॉं कर्म से भाग्य बदलता श्रम निष्ठा कल्याणी है त्याग और तप की गाथाऍं गाती कवि की वाणी है ज्ञान जहॉं का गंगाजल सा निर्मल है अविराम है || 2 || ===३=== जिस के सैनिक समरभूमि मे गाया करते गीता है जहॉं खेत मे हल के नीचे खेला करती सीता है जीवन का आदर्श जहॉं पर परमेश्वर का धाम है || 3 || ===========

पाकिस्तान द्वारा दबाये कश्मीर को वापस लिया जा सकता था...

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पाकिस्तान द्वारा दबाये कश्मीर को वापस लिया जा सकता था... सैनिक जीत और राजनैतिक हार........ 16 दिस्मबर,आज ही के दिन भारतीय सैना ने पाकिस्तानी सेना को 1971 में करारी शिकस्त दी थी। 95 हजार पाकिस्तानी सैनिकों ने पराजित होकर आत्म समर्पण किया था। बांगलादेश का निर्माण इसी भारत विजय के उपरांत हुआ था। मगर हमने राजनैतिक टेबिल पर इस सैनिक विजय को खो दिया। क्यों कि हमने अपना कश्मीरी भू भाग पाकिस्तान से मुक्त नहीं करवाया। जबकि सभी परिस्थितियां हमारे साथ थीं, स्वर्ण अवसर था।

जननी जन्मभूमि स्वर्ग से महान है

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जननी जन्मभूमि............. जननी जन्मभूमि स्वर्ग से महान है जिसके वास्ते ये तन है मन है और प्राण है || द्य || ईसके कण कण में लिखा रामकृष्ण नाम है, हुतात्माओं के रुधिर से भूमि सष्य श्याम है, धर्म का ये धाम है सदा ईसे प्रणाम है, स्वतंत्र है यह धरा स्वतंत्र आसमान है,  ॥ १ ॥ ईसकी आन पर अगर जो बात कोई आ पडे, ईसके सामने जो जुल्म के पहाड हो खडे, शत्रु सब जहान हो विरुद्ध आसमान हो, मुकाबला करेंगे जब तक जान मे ये जान है,  ॥ २ ॥ ईसकी गोद मे हजारो गंगा यमुना झूमती, ईसके पर्वतोंकी चोटियाँ गगन को चूमती, भूमि यह महान है निराली ईसकी शान है, ईसकी जय-पताक पर लिखा विजय निशान है,  ॥ ३ ॥ jananī janmabhūmi svarga se mahāna hai jisake vāste ye tana hai mana hai aura prā ṇ a hai ||dh ṛ || īsake ka ṇ a ka ṇ a me ṁ likhā rāmak ṛṣṇ a nāma hai hutātmāo ṁ ke rudhirase bhūmi sa ṣ ya śyāma hai dharma kā ye dhāma hai sadā īse pra ṇ āma hai svata ṁ tra hai yaha dharā svata ṁ tra āsamāna hai ||1|| īsakī āna para agara jo bāta koī ā pa ḍ e īsake sāmane jo julma ke pahā ḍ a ho kha ḍ e śatru saba ja