कविता - मोदीजी तुम पर नाज हमें,तुमने असली भारत दिखलाया है।

शौर्य जहां की परपरा,
बलिदान जहां की धर्मध्वजा,
उस भारत का फिरसे मान बढ़या है,
मोदीजी तुम पर नाज हमें,
तुमने असली भारत दिखलाया है।

सीना तान के चलते सैनिक,
सीमाओं पर अडिग खड़े,
उनकी वीर गाथाओं को तुमने
नव सम्मान से जग में पढ़े।
भारत की उन्नति का दीप प्रज्वलित,
नव युग का तुमने द्वार खुलाया है,
मोदीजी तुम पर नाज़ हमें,
तुमने असली भारत दिखलाया है।

गाँव–गाँव तक पहुँची रोशनी,
किसानों में फिर उत्साह जगा,
नव भारत के सपनों को तुमने
जन–जन का संकल्प बना दिया।
आत्मनिर्भरता के इस पथ पर
तुमने स्वाभिमान जगाया है,
मोदीजी तुम पर नाज़ हमें,
तुमने असली भारत दिखलाया है।

विश्व–मंच पर भारत की
आवाज़ बुलंद दिखाई दी,
सत्य-अहिंसा की ध्वजा लिए
नई राहें भी पाई गईं।
जन-जन के अधिकारों को
तुमने नया विश्वास दिलाया है,
मोदीजी तुम पर नाज़ हमें,
तुमने असली भारत दिखलाया है।


टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

इस्लाम के प्रति महापुरुषों के विचार islam

खेतड़ी रियासत की संपत्ति सरकारी

राजस्थान के व्याबर जिले में देवमाली गांव,कैंसर का 'झाड़ा'

मातृ ऋण चुकाने पर ही अगले जन्म का सुधार होता है matri rin chukana

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

हिन्दु भूमि की हम संतान नित्य करेंगे उसका ध्यान

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

माँ बाण माता : सिसोदिया वंश की कुलदेवी

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान