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पुत्रदा एकादशी व्रत कथा Putrada Ekadashi fast story

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  पुत्रदा एकादशी व्रत कथा ( 02 jan 2023) एक बार धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा, “हे नाथ! लोक कल्याणकारी पौष शुक्ल एकादशी का नाम, महत्व कथा एवं पूजन विधि क्या है। ” तब श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को सुनाया पुत्रदा एकादशी व्रत माहात्म्य की कथा सुनाई । मनमोहन कन्हैया ने उत्तर देते हुये बताया “हे पाण्डु पुत्र धर्मराज युधिष्ठिर, पौष शुक्ल एकादशी का नाम पुत्रदा एकादशी है, समस्त संसार में इस व्रत जितना पुण्यफलदायी व्रत दूसरा नहीं है, इसके व्रत से व्यक्ति लक्ष्मीवान, विद्वान एवं तपस्वी होता है. इस एकादशी की उत्पत्ति की कथा अब सुनाता हूं। पौराणिक कथाओं के अनुसार भद्रावती नाम की एक नगरी में सुकेतुमान नामक राजा राज्य करता था, जिनकी पत्नी का नाम शैव्या था. राजा-रानी निःसंतान होने के कारण सदैव चिन्तित रहते थे, तमाम ऐश्वर्य भी उनके इस दुख के आगे छोटा दिखता था, उसे हमेशा यही चिंता रहती थी कि अब उसके बाद उसका राज-पाट कौन संभालेगा और उसकी मृत्युपरांत उसका अंतिम संस्कार, श्राद्ध, पिंडदान आदि कर्म कौन करेगा, कौन उसे मुक्ति दिलाएगा और कौन उसके पितरो को भी तृप्त करेगा? बस यही सब सोच कर रा...