संघ ; हिन्दुओं के लिए पोप की तरह पवित्र और आदरणीय
- अरविन्द सीसोदिया बुरारी में हुए कांग्रेस के ८३ वें अधिवेशन से बुराई ही बुराई सामनें आई हैं , पूरा अधिवेशन सिर्फ और सिर्फ हिन्दुओं को कोसनें में ही ब्यतीत किया गया ..! यदी इस समय का उपयोग रचनात्मक दृष्टिकोण से किया होता तो देश को भी और कांग्रेस को भी नया रास्ता मिलता ...! मगर अनुभव हीन और निरंतर राजकाज में अनुतीर्ण हो रही कांग्रेस ने पुराना ढर्रा ही सामने रखा , घरमें बुरे दिन हो तो पडौसी से लड़ने लगो ..! हिन्दू आमतौर पर शांत और अभडकाऊ व्यक्तित्व है , इसी कारण तो :- १- राम राम जाप कर गांधीजी ने हिंदुओंकी दम पर स्वतंत्रता आन्दोलन चलाया और जब जब हिन्दू हित की बात आई कांग्रेस मुकर गई , देश का विभाजन किसने स्वीकार किया ..? ये दुष्कर्म भाजपा ने तो नहीं किया ..! २- हिन्दुओं के आराध्य...