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दिसंबर 28, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सोनिया : भड़ास भाजपा पर

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सोनिया : भड़ास  भाजपा पर संसदीय समिति में लोकपाल बिल में धर्म आधारित आरक्षण का प्रावधान नहीं था..कांग्रेस ने यू पी चुनाव में फायदा उठाने के लिए धर्म आधारित आरक्षण कर वायदा खिलाफी की और लोकपाल को वोटपाल  बना दिया | विश्वाषघात तो कांग्रेस ने किया , धोका तो कांग्रेस ने दिया | संविधान सभा की बहस के पन्ने देखलो , कहाँ लिखा हे  धर्म आधारित आरक्षण दिया जा सकता हे |  यदि संविधान विरोधी प्रावधान कांग्रेस ले कर आई हे तो उसे रोकना ही भाजपा का कर्तव्य हे | अरुण जेतली - सरकार को समर्थन दे रहे समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, तृणमूल कांग्रेस और द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) जैसे दलों पर कटाक्ष किया कि राज्यसभा में लोकपाल एवं लोकायुक्त विधेयक पारित कराने का प्रयास होगा तब ऎसे दलों के लिये परीक्षा की घड़ी होगी. वे सिर्फ प्रवचन करना ही जानते हैं या प्रहार करना भी जानते हैं.       ------------------ http://in.jagran.yahoo. कॉम भाजपा पर बरसीं सोनिया, अपने सांसदों से नाराज Dec 28, 2011 नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। लोकपाल पर लोकसभा में फजीहत के बाद कांग्रेस आलाकमान की अपने सां

नकली लोकपाल : भाजपा कांग्रेस की गुलाम नहीं उसके लिए पहले देशहित हे ... ,

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नकली लोकपाल  भाजपा कांग्रेस की गुलाम नहीं उसके लिए पहले देशहित हे ... ,  न ही उसकी जिम्मेवारी कांग्रेस के लिये बहुमत जुटाना है। कांग्रेस के सांसद अनुपस्थित थे, भाजपा ने सही किया कि नकली लोकपाल का साथ नहीं दिया,  असली लोकपाल तो जन लोकपाल है। जब तक जन लोकपाल जैसा बिल न बनें तब तक संर्घष जारी रहे। सूत्रों के मुताबिक, संसदीय कार्यमंत्री व्हिप के बावजूद सदन में मौजूद न रहने वाले सांसदों को कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा। शुरुआती गणना के मुताबिक, 16 सांसद अनुपस्थित पाए गए। इनमें दो तृणमूल कांग्रेस के हैं, जबकि एक दर्जन से ज्यादा सांसद खुद कांग्रेस के हैं। सोनिया के कड़े तेवरों से घबराए केंद्रीय मंत्री दिनशा पटेल ने तो तुरंत सफाई भी दी कि वह घर में शादी कार्यक्रम में थे और पहले से नेतृत्व को बता दिया था। एम राजमोहन रेड्डी, विक्रमभाई अरजनभाई, मदन अहीर, किशन बी पटेल, केआरजी रेड्डी, हर्षव‌र्द्धन, हमीदुल्लाह सईद जैसे नाम पहली नजर में सामने आए हैं। इन सबको कारण बताओ नोटिस देने के साथ गुरुवार को राज्यसभा में सारे कांग्रेस सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

रूस में गीता पर नहीं लगेगा प्रतिबंध : इसाई चर्च की साजिस विफल

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- अरविन्द सिसोदिया  दुनिया भर में ईसाईयों ने हिंसा और प्रलोभन के आधार पर अपना विस्तार किया ...इस हेतु गैर इसाई देशों में किसी न किसी तरह के कार्यों में लिप्त हें ..इसी तरह का एक कार्य रूस में सर्बिया के एक ईसाई चर्च ने गीता को कट्टरपंथी ग्रंथ बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की थी | इसाई चर्च की साजिस विफल   रूस में गीता पर नहीं लगेगा प्रतिबंध Wednesday, December 28, 2011,17:01 नई दिल्ली : अब रूस में भारतीय महाकाव्‍य श्रीमदभागवत गीता पर प्रतिबंध नहीं लगेगा। रूस की अदालत में इस संबंध में दायर याचिका बुधवार को खारिज हो गई। रूस के कोर्ट के यह फैसला आज इस संबंध में अंतिम सुनवाई के बाद आया। सर्बिया के एक ईसाई चर्च ने गीता को कट्टरपंथी ग्रंथ बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसका रूस के कई इलाकों के साथ भारत में भी जमकर विरोध हुआ था। यह मुद्दा भारतीय संसद में भी उठाया गया था। रूस की एक अदालत में बुधवार को हिंदुओं के धार्मिक ग्रंथ भगवद् गीता पर प्रतिबंध लगाए जाने और उसे चरमपंथी साहित्य घोषित करने के मामले पर अंतिम सुनवाई शुरू हो गई। रूस के तोमस्क शहर से हिंदू याचिकाकर्ताओं

कोंग्रेस सरकार को शासन का अधिकार नहीं हे

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- अरविन्द सिसोदिया कोंग्रेस सरकार को शासन का अधिकार नहीं हे  विपक्षी पार्टियों ने कॉपरेरेट्स, मीडिया और विदेशी चंदा प्राप्त करने वाले एनजीओ को इसके दायरे में लाने की मांग करते हुए संशोधन प्रस्तुत किए थे। ये अस्वीकृत हो गए। सी बी आई को भी सरकार ने अपने पास रखा हे |  कुछ भी नहीं हे इस लोकपाल में ....एक कडवा सच यह हे कि   लोकसभा में सरकार को बनें रहने के लिए २७२ सांसदों कि जरूरत हे ..मगर सरकार को लोकपाल बिल पर मात्र २५० ही सांसदों का समर्थन मिला , एक प्रकार से सरकार को शासन का अधिकार नहीं हे ... यह अल्पमत सरकार हे .. संविधान संशोधन बिल पर गच्चा खा गई कांग्रेस Story Update : Wednesday, December 28, 2011    4:15 AM लोकपाल को संवैधानिक दर्जा देने की राहुल गांधी की पहल आखिरी वक्त पर कांग्रेस के फ्लोर मैनेंजमेंट की कमी की वजह से धरी की धरी रह गई। लोकपाल बिल को ध्वनि मत से पास करा लेने के बाद यूपीए संविधान संशोधन बिल के तीन प्रावधानों पर दो तिहाई बहुमत जुटाने में कामयाब नहीं हो पाई। इसके साथ ही संविधान में 116वां संशोधन नहीं हो सका। राजीव गांधी भी 22 साल पहले पंचायती राज विधेयक को संसद

BJP demands resignation of the UPA government

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28 DEC, 2011, 12.32AM IST, PTI BJP demands resignation of the UPA government NEW DELHI: With the Constitution Amendment Bill on Lokpal failing in Lok Sabha, BJP tonight demanded resignation of the UPA government on moral grounds. "Government should resign on moral grounds. Prime Minister Manmohan Singh has no moral right to continue in office," BJP leader Yashwant Sinha told reporters after the embarassing development for the government. He noted that the government could not muster even simple majority of 273 votes in favour as it managed only 250 votes on the crucial legislation. "Rahul Gandhi's dream has been shattered. This shows the monumental inefficiency of this government. "I had said during my speech that Prime Minister spoke as if he was making his farewell speech. If any morality left is left in them, they should quit," Sinha said. On the attack by Leader of the House Pranab Mukherjee for the defeat of the bill, he said he was indulging

लोकपाल बिल पास, संवैधानिक दर्जा नहीं

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लोकपाल बिल पास,  संवैधानिक दर्जा नहीं दिला पाई सरकार ---- सरकार ने लोकसभा में  लोकपाल बिल पास कराया 27 Dec 2011, 2348 hrs नई दिल्ली।। सरकार ने लोकसभा में लोकपाल बिल पास करवा लिया है। लेफ्ट, बीएसपी और एसपी के सांसदों के वॉकआउट के बाद सरकार का लोकपाल बिल पास कराना तय माना जा रहा था। अब बुधवार को राज्यसभा में लोकपाल बिल पेश किया जाएगा। सरकार के लिए राज्य सभा से इस बिल को पास करवा पाना इतना आसान नहीं माना जा रहा है। लोकसभा में पास करवाने के बावजूद सरकार लोकपाल को संवैधानिक दर्जा नहीं दिला पाई है। संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए कुल सांसदों के कम से कम 50 फीसदी और उपस्थित सांसदों के 2 / 3 बहुमत की जरूरत थी। संवैधानिक दर्जे पर सरकार 2 / 3 वोट नहीं जुटा पाई। हालांकि पहले कहा गया कि संवैधानिक दर्जा मिल गया है लेकिन इस तरफ सरकार की हार के बारे में सुषमा स्वराज ने ध्यान दिलाया। बाद में प्रणब मुखर्जी ने इसे लोकतंत्र के लिए दुखद बताते हुए कहा कि उनके पास बहुमत नहीं था। गौरतलब है कि राहुल गांधी ने लोकपाल को संवैधानिक दर्जा देने की बात उठाई थी। संविधान संशोधन पर 394 सांसदों ने वोट दिया। 321