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मां त्रिपुरा सुंदरी,बांसवाड़ा, राजस्थान

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मां त्रिपुरा सुंदरी राजस्थान में बांसवाड़ा से लगभग 14 किलोमीटर दूर तलवाड़ा ग्राम से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर ऊंची रौल श्रृखलाओं के नीचे सघन हरियाली की गोद में उमराई के छोटे से ग्राम में माताबाढ़ी में प्रतिष्ठित है मां त्रिपुरा सुंदरी। कहा जाता है कि मंदिर के आस-पास पहले कभी तीन दुर्ग थे। शक्तिपुरी, शिवपुरी तथा विष्णुपुरी नामक इन तीन पुरियों में स्थित होने के कारण देवी का नाम त्रिपुरा सुन्दरी पड़ा तीनों पुरियों में स्थित देवी त्रिपुरा के गर्भगृह में देवी की विविध आयुध से युक्त अठारह भुजाओं वाली श्यामवर्णी भव्य तेजयुक्त आकर्षक मूर्ति है। इसके प्रभामण्डल में नौ-दस छोटी मूर्तियां है जिन्हें दस महाविद्या अथवा नव दुर्गा कहा जाता है। मूर्ति के नीचे के भाग के संगमरमर के काले और चमकीले पत्थर पर श्री यंत्र उत्कीण है, जिसका अपना विशेष तांत्रिक महत्व हैं । मंदिर के पृष्ठ भाग में त्रिवेद, दक्षिण में काली तथा उत्तर में अष्ट भुजा सरस्वती मंदिर था, जिसके अवशेष आज भी विद्यमान है। यहां देवी के अनेक सिद्ध उपासकों व चमत्कारों की गाथाएं सुनने को मिलती हैं। पर्व उत्सव मंदिर शताब्दियों से विशिष्ट शक्

श्री मोहन जी भागवत : मानगढ़ धाम

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राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक परम पूजनीय मोहन जी भागवत को वागड़ के अमर बलिदानी गोविन्द गुरु की तस्वीर भेंट करते राजस्थान सरकार के पूर्व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री भवानी जोशी  ----------------------------------------------------------------------------------------------------- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक परम पूजनीय श्री मोहन जी भागवत ने आज मानगढ़ धाम पहुँच कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक परम पूजनीय श्री मोहन जी भागवत ने  मानगढ़ धाम पहुँच कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। ====================================================================== शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले....।। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक परम पूजनीय श्री मोहन जी भागवत ने आज मानगढ़ धाम पहुँच कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। ---------------------------------------------------------------------------------------------------------- दूसरा जलियावाला बाग हत्याकांड राजस्थान के डूंगरपुर, बांसवाड़ा, दक

संघ

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  स्व. राजेन्द्र प्रसाद वर्मा पुत्र स्व0 गणेशराम जी माता - कंवरी बाई अभी जीवित हैं। जन्म 1 मई 1952 ग्राम - रायथल, जिला बूंदी । छैः भाई बहनों में सबसे छोटे थे। किसान परिवार में जन्म हुआ । शिक्षा बूंदी एवं कोटा में हुई । बी. काम उतीर्ण करने के बाद राजस्थान स्टेट इलेट्रिकसिटि बोर्ड में लगे बाद में पदोन्नति होकर कोटा थर्मल पावर स्टेशन में नियुक्त हुये । हालही में 31 मई 2013 में वे सेवानिवृत हुये थे। 30 अक्टूबर को कोटा से उदयपुर जाते समय सड़क दुर्घटना में निधन हो गया । संघ प्रवेश:- 1970में छावनी शाखा कोटा से संघ प्रवेश किया, तब से निरंतर आप मुख्य शिक्षक , कार्यवाह मण्डल कार्यवाह रहते हुये 1985 में तृतीय वर्ष किया,1988 में महानगर शारीरिक प्रमुख, 2000 में विभाग शारीरिक प्रमुख, तत् पश्चात विभाग सेवा प्रमुख पर कार्य करते हुये, 2012 में वै चित्तौड़ प्रांत सह सेवा प्रमुख के दायित्व निर्वहन कर रहे थे।