सरदार वल्‍लभभाई पटेल,प्रधानमंत्री होते तो इतिहास कुछ ओर होता



अहमदाबाद। सरदार वल्‍लभभाई पटेल संग्रहालय के उद्घाटन के अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साथ मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। इस दौरान गुजरात की राज्‍यपाल कमला बेनीवाल, केंद्रीय मंत्री प्रफुल्‍ल पटेल और कई पूर्व नेता मौजूद थे। इस अवसर पर मोदी ने कहा कि 'हम प्रधानमंत्री को इस अवसर पर आने के लिए धन्‍यवाद देते हैं और उन्‍होने जो गुजरात सरकार के विकास कार्यों की समय समय पर सराहना की, पुरस्‍कृत किया, उससे हमारा उत्‍साह बढ़ा। मोदी ने कहा कि आज भी हमारे देश के सामने आतंकवाद, नक्‍सलवाद जैसी बड़ी समस्‍याएं है, जिनसे हमें जूझना पड़ रहा है, ऐसे में जरूरी है कि हम अपने देश के युवाओं को सही दिशा दिखाएं जिससे कि वह हिंसा का रास्‍ता छोड़ सकें। हमें युवाओं को बताना होगा कि गोली और बंदूकों से देश और समाज की तरक्‍की नहीं होती है। मोदी ने सरदार पटेल के बारे में कहा कि वह सही मायने में भारत की एकता के प्रतीक हैं। उनके पास देश के विकास का एक मॉडल था। अगर वह देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो देश का इतिहास आज कुछ दूसरा होता। हम यहां उनके योगदान को सम्‍मानित करना चाहते हैं। वहीं इस मौके पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि मैं वल्‍लभ भाई पटेल की कांग्रेस में रहकर गर्व महसूस करता हूं।

 

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

25 वर्षों में जनसेवा से वैश्विक नेतृत्व तक, मोदीजी की स्वाभिमानी राष्ट्र निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा — अरविन्द सिसोदिया

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

भगवान कृष्ण का जलवा पूजन : डोल ग्यारस

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

'उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन' क्यों...?

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

राजस्थान के व्याबर जिले में देवमाली गांव,कैंसर का 'झाड़ा'

जगाया तुमको कितनी बार jgaya tumko kitni bar

Lord Dattatreya's 24 Gurus and the Teachings Received from Them