देश में हिन्दुत्व को प्रतिषिठत करने वाली पार्टी का समर्थन करें - सरसंघचालक मोहनराव भागवत



हिन्दुत्व के सर्वव्यापी होने से ही होगा विश्व का कल्याण

देश में हिन्दुत्व को प्रतिषिठत करने वाली पार्टी का समर्थन करें - भागवत

             उदयपुर 2 अक्टूबर 2013। हम हिन्दू है। हिन्दुओं का देश है। हिन्दुओं की प्रतिष्ठा करने वाले दल का समर्थन करना चाहिए। जो अयोध्या में राममंदिर बनाऐगा। जो धर्मान्तरण रोकेगा। जो गौ हत्या रोकेगा। जो घुसपैठ रोकगा। जो जबरन सीमापार करेगा उसको रोकेगा। वही देश पर राज करेगा। वर्तमान में दो राजनीतिक पार्टियों का संघर्ष जारी है। एक धर्म का साथ लिए हुए है। दूसरा अधर्म का। हमें सत्य का साथ देना चाहिए। सत्य और प्रेम भगवान का स्वरूप है। जन-जन में जनार्दन को देखो। जो धर्म पर चल रहे है उन्हें स्थापित करना चाहिए। उक्त विचार मानगढ़ धाम बलिदान शताब्दी समिति, बांसवाड़ा द्वारा बेणेश्वर धाम में विराट हिन्दू धर्म सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहनराव भागवत ने व्यक्त किए।

             उन्होंने कहा कि नया भारत सामान्य जनता से उठेगा। फार्इव स्टार होटल संंस्कृति से देश में परिवर्तन नहीं होगा। झोंपडि़यों में रहने वाले गाँववासियों के माध्यम से देश में परिवर्तन होगा। वर्तमान में हमारी लड़ार्इ घर से लेकर दिल्ली तक है। लड़ने वाले को जोश के साथ होश में रहना चाहिए। सब रास्ते एक र्इश्वर की ओर जाते है। मैं जिस पूजा पद्धति में हूँ उसी मैं रहूंगा। अपने धर्म को नहीं छोड़ेंगे। स्वधर्म का पालन करेंगे। हमें झांसों में नहीं आना है। आज विज्ञापन के माध्यम से विदेशी सामग्री बेचने के  साथ वोट बेचने का धंधा भी चल पड़ा है। इनको ध्यान में रखते हुए हमें सत्य के लिए 100 प्रतिशत मतदान करना है। भागवतजी ने अपने उदबोधन में मावजी महाराज एवं गोविन्द गुरू के उद्धेश्यों को अपनाने का आग्रह किया। हम सभी सत्य और धर्म के मार्ग सदा चलते रहे।
         
              आज के कार्यक्रम में उत्तम स्वामी जी महाराज व बेणेश्वर धाम के पीठाधीश पूज्य अच्युतानन्द जी महाराज ने भी विराट हिन्दू धर्म सभा को सम्बोधित किया। कार्यक्रम का प्रारम्भ गौ पूजन व गोविन्द गुरू के चित्र पर माल्यार्पण दीपप्रज्ज्वलन के साथ प्रारम्भ हुआ। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत खिलडि़यों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन भुवनमुकन्द पण्डया ने किया। वर्षभर चले कार्यक्रमों का प्रतिवेदन प्रांत धर्म जागरण समन्वय विभाग के प्रमुख मनफूल सिंह ने प्रस्तुत किया। इस धर्म सभा में गांव-गांव व ढाणियों से डेढ लाख से अधिक वनवासी बंधुओं ने पूर्ण उत्साह से भाग लिया। वे पारम्परिेक ढोल नगाड़ों के साथ नृत्य करते हुए सभा स्थल पर पहुंचे। सभा स्थल मार्ग में भूरेठिया नी मानू से नी मानू से नामक भजन गाते हुए आए। भूरेटिया नी मानू भजन की मंच से प्रस्तुति दी गयी। देश की स्वतंत्रता के समय अंग्रेजों के विरूद्ध गाया गया गीत आज भी वनवासियों के मध्य अत्यन्त लोकप्रिय है। मोहन जी भागवत को स्थानीय स्तर पर निर्मित धनुश बाण, गोफण भी भेंट की गयी।






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