संयुक्त वक्तव्य भारत के लिए निराशाजनक .....
- अरविन्द सीसोदिया चीन और भारत के प्रधानमंत्रीयों के संयुक्त वक्तव्य भारत के लिए निराशाजनक ही है , आशाजनक होने की आशा भी नहीं थी और आगे भी रखनीं नहीं चाहिए ..! क्यों कि चीन का छुकाव पाकिस्तान के प्रति अत्यंत ज्यादा है ! इस यात्रा में भी वे इसके बाद पाकिस्तान जायेंगे ! इसलिए तय है की वे भारत के साथ वह कुछ नहीं करेंगे जिससे पाकिस्तान नाराज हो ..! उनका दौरा महज भारत में अपना माल खपाने के मकसद का ही ज्यादा रहा है और वे उसमें सफल भी हुए ..! हम एक बार फिर लूटे हैं , ब्रिटेन ,अमरीका , फ्रांस और अब चीन नें हमसे माल कमानें कि ही बातें कीं हैं और हमारे आर्थिक विशेषज्ञ प्रधानमंत्री ने देश को बचाने के लिए कुछ नहीं किया है ! सच यह है कि जो जिस माल को बेंचने में माहिर था उसने व...