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बालाकृष्णन-गोखले पत्र : दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए..!

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- अरविन्द सीसोदिया   मामला इसलिए महत्वपूर्ण हो गया है कि यह दो सर्वोच्च न्यायाधिसों के बीच का है जो सामान्यतः झूठ नहीं बोल सकते ,  जिन्हें हम आदर से न्यायमूर्ति कहते हैं , इसका दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए ! ज्ञातव्य रहे कि एक आपराधिक मामले को केन्द्रीय मंत्री  रहते ए राजा ने प्रभावित करने की कोशिश  कि थी  और यह मामला न्यायपालिका को परोक्ष प्रभावित करने से जुड़ा है ..!  मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीस रहे तथा वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति  एच एल  गोखले ने कहा है कि केन्द्रीय संचार मंत्री  ए.राजा के द्वारा न्यायाधीस  एस  रघुपति के द्वारा उन्हें भेजा गये  पत्र कि जानकारी, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन प्रमुख  न्यायाधीस जी बालाकृष्णन को ५ जुलाई २००९ को भेजी थी और उस  पत्रकी प्राप्तीकी जानकारी   ८  जुला...