मकर संक्रांति : उत्तरायण प्रारंभ : अंधकार घटने और प्रकाश बढ़ने का दिन...
15 जनवरी को मनाई जायेगी मकर संक्रांती आकाश के दक्षिण हिस्से से सूर्य का रथ उत्तरी हिस्से की और बढ़ रहा है। 14 जनवरी की मध्य रात्रि को सूर्यदेव का रथ उत्तरायण होगा। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही संक्रांति का पुण्यकाल भी शुरू हो जाएगा। स्नान-दान की मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी। उदयतिथि के सिद्धांत के अनुसार, मकर संक्रांति इस बार 15 जनवरी 2024 को मनाई जाएगी. इस दिन सूर्य रात 2 बजकर 54 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. क्या होता है सूर्य का उत्तरायण होना आकाश की 12 राशियों में सूर्य के भ्रमण से ऋतु चक्र पूरा होता है। एक राशि से दूसरी राशि में सूर्य के संक्रमण को ही संक्रांति कहते हैं। सूर्य की मकर से मिथुन राशि में रहने तक 6 महीने की अवधि उत्तरायण कही जाती है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक यह देवों का प्रभात काल होती है। कर्क से धनु राशि में सूर्य के रहने के 6 महीने को दक्षिणायन कहते हैं। इसे आसुरी काल भी कहते हैं। ------------- मकर संक्रांति : अंधकार घटने और प्रकाश में बढ़ोतरी का दिन... 1- महाभारत युद्ध में अर्जुन के बाणों से बिंधे शर शय्या म...