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भारत जगे, श्रीराम बनें, रामराज्य फिर आये..!

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घर- घर उजियारा हो ,  जीवन में सबके दूर अंधियारा हो... - अरविन्द सीसोदिया 9414180151    आप एवं आपके परिवार को दीपावली की  हार्दिक बधाई और बहुत बहुत शुभकामनाएं ...!! दीपावली का पवन पर्व बहुत पुराने समय से मनाया जा रहा हर .., यह पौराणिक पर्व है .., इससे अनेक कथाएं और घटनाएँ जुड़ी हुई हैं.., प्रमुख रूप से इस दिन राम के अयोध्या लोटने से जुड़ा हुआ माना जाता है.., उनके स्वागत में नगर वासियों ने जो दीपक जलाये थे .., वही परंपरा पूरे देश में फेल गई...!! अनादिकाल से जो दीपावली का पांच दिवसीय पर्व है उससे हमें सन्देश मिलता है कि .., यह धन की पूजा का पर्व है.., जो हमें धन के महत्व को , उसके संशाधनों को और उसकी व्यवस्था को , प्रतिवर्ष स्मरण करवाता है !  १- पहला दिन - धन तेरश - पूजा आयुर्वेद के संस्थापक धन्वन्तरी भगवान की..!     अर्थात स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है...! २- दूसरा दिन - रूप चौदस - अर्थात सोंदर्य या सुन्दर स्वरूप  भी एक धन है ..!!    इसी दिन हनुमान जी की भी पूजा होती है.., यह मित्र धन से संबध है..!!  ३- तीसरा...

श्रीराम वनवास से लौटनें पर , 17.5 लाख वर्ष पूर्व आयोजित हुई थी दीपावली

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  रामसेतु Ram - setu (एडम ब्रिज) 17.5 लाख वर्ष पूर्व भगवान श्रीराम 17.5 लाख वर्ष पूर्व जन्मे थे सर्वप्रथम रामसेतु के संदर्भ में 1993 में नासा ने 14 दिसम्बर 1966 को अमरीकी उपग्रह से खींचे चित्रों को विभिन्न विशलेषणों के आधार पर जारी किये। जिसमें माना गया था कि रामसेतु लगभग 17.5 लाख वर्ष पूर्व का है। बाद में इस पर साम्प्रदायिक तत्वों एवं अर्न्तराष्ट्रीय हितनिहित के कथित धर्म संस्थानों ने करवाये।   रामसेतु का चित्र नासा ने 14 दिसम्बर 1966 को जेमिनी-11 से अंतरिक्ष से प्राप्त किया था। इसके 22 साल बाद आई.एस.एस 1 ए ने तमिलनाडु तट पर स्थित रामेश्वरम और जाफना द्वीपों के बीच समुद्र के भीतर भूमि-भाग का पता लगाया और उसका चित्र लिया। इससे अमेरिकी उपग्रह के चित्र की पुष्टि हुई। संभवतः सांसद रघुवीरसिंह कौशल नें लोकसभा में एक प्रश्न तब लगाया था , नासा के द्वारा रामसेतु अर्थाम एडम ब्रिज की आयु के संदर्भ में , लोकसभा में बहुत छोटे से जबाव में 17.5 लाख वर्ष पूर्व का अनुमान नासा के द्वारा लगाया गया माना गया था। इसी आधार पर श्रीराम का जन्म भी 17.5 लाख वर्ष पूर्व का ही माना जायेगा और दीपावली जो कि ...

हनुमानजी की श्रीराम परिवार पर दिव्य उधारी

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Divine Borrowing of Hanumanji on Shri Ram Parivar हनुमानजी की श्रीराम परिवार पर दिव्य उधारी hanumaanajee kee shreeraam parivaar par divy udhaaree हनुमान जन्मोत्सव विशेष 'हनुमानजी की दिव्य उधारी' ’ भरत भाई कपि से उऋण हम नाही ’                    रामजी लंका पर विजय प्राप्त करके आए तो, भगवान ने विभीषण जी, जामवंत जी, अंगद जी, सुग्रीव जी सब को अयोध्या से विदा किया। तो सब ने सोचा हनुमान जी को प्रभु बाद में बिदा करेंगे, लेकिन रामजी ने हनुमानजी को विदा ही नहीं किया,अब प्रजा बात बनाने लगी कि क्या बात सब गए हनुमानजी नहीं गए अयोध्या से!’ अब दरबार में काना फूसी शुरू हुई कि हनुमानजी से कौन कहे जाने के लिए, तो सबसे पहले माता सीता की बारी आई कि आप ही बोलो कि हनुमानजी चले जाएं।’ माता सीता बोलीं मैं तो लंका में विकल पड़ी थी, मेरा तो एक एक दिन एक एक कल्प के समान बीत रहा था, वो तो हनुमानजी थे,जो प्रभु मुद्रिका लेके गए, और धीरज बंधवाया कि...! मै तो अपने बेटे से बिल्कुल भी नहीं बोलूंगी अयोध्या छोड़कर जाने के लिए, आप किसी...

स्वयं श्रीराम बनों पुरूषार्थ करो

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    स्वयं श्रीराम बनों पुरूषार्थ करो Be yourself Shri Ram, make effort भगवान श्री राम की जन्म तिथि रामनवमी , यह पावन पर्व प्रतिवर्ष चैत्र माह में नव दुर्गा पूजन में अंतिम दिन रामनवमी के रूप में मनाई जाता हैं। Ram Navami, the date of birth of Lord Shri Ram, This holy festival is celebrated every year in the month of Chaitra as Ram Navami, the last day of Nav Durga Puja. नवदुर्गा, ईश्वर की, सृष्टि की, सृजन की, प्रकृति की , मानव सभ्यता की, आदि की और अनंत की वह शक्तियां हैं . जो निरंतर, निरंतर और निरंतर बनी रहती हैं । जिनका क्षय, जिनका नाश , जिनकी समाप्ति कभी नहीं होती । यह परम सत्य है,इनका अत्यंत ऊच्चकोटि का वैज्ञानिक आधार है । अर्थात जगत का मूलाधार शक्ति है, बल है । यही हमें देवी दुर्गा का संदेश है। Navadurga, They are the powers of God, of creation, of creation, of nature, of human civilization, etc. and of infinity. Which is constant, constant and constant. Whose decay, whose destruction, who never ends. This is the ultimate truth, they have a very high scientific basis. That ...

वनवासी शबरी के झूठे बेर भगवान श्रीराम ने खाये, हिंदुत्व में अंतिम व्यक्ति को भी सर्वोच्च सम्मान की प्रेरणा

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शबरी को आश्रम सौंपकर महर्षी मतंग जब देवलोक जाने लगे तब शबरी भी साथ जाने की जिद करने लगी। शबरी की उम्र दस वर्ष थी। वो महर्षि मतंग का हाथ पकड़ रोने लगी महर्षि शबरी को रोते देख व्याकुल हो उठे! शबरी को समझाया "पुत्री इस आश्रम में भगवान आएंगे यहां प्रतीक्षा करो!" अबोध शबरी इतना अवश्य जानती थी कि गुरु का वाक्य सत्य होकर रहेगा!  उसने फिर पूछा "कब आएंगे? महर्षि मतंग त्रिकालदर्शी थे वे भूत भविष्य सब जानते थे वे ब्रह्मर्षि थे। महर्षि शबरी के आगे घुटनों के बल बैठ गए, शबरी को नमन किया  आसपास उपस्थित सभी ऋषिगण असमंजस में डूब गए, ये उलट कैसे हुआ!  गुरु यहां शिष्य को नमन करे! ये कैसे हुआ? महर्षि के तेज के आगे कोई बोल न सका!  महर्षि मतंग बोले "पुत्री अभी उनका जन्म नही हुआ!" अभी दशरथजी का लग्न भी नही हुआ! उनका कौशल्या से विवाह होगा! फिर भगवान की लम्बी प्रतीक्षा होगी फिर दशरथजी का विवाह सुमित्रा से होगा ! फिर प्रतीक्षा! फिर उनका विवाह कैकई से होगा फिर प्रतीक्षा! फिर वो जन्म लेंगे! फिर उनका विवाह माता जानकी से होगा! फिर उन्हें 14 वर्ष वनवास होगा और फिर वनवास के आखिरी वर्ष माता जान...

श्रीराम Ram की जगमग अयोध्या Ayodhyaa

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 श्रीराम Ram की जगमग अयोध्या Ayodhyaa - अरविन्द सिसोदिया 9414180151 ये है भगवान विष्णु जी के अवतार भगवान श्री श्रीराम जी की जन्मभूमि अयोध्या में छोटी दीपावली 2021 के अवसर पर आयोजित जग मग , रोशन -----नव इतिहास ...5वी वार दीपोत्सव  का  विश्व रिकॉर्ड ।।। गिनिज बुक आफॅ रिकार्ड में दर्ज।