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सत्य साई : नाशवान शरीर छोड़ना ही होगा .....

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- अरविन्द सिसोदिया   भारतीय मान्यताओं में विलक्ष्ण शक्ति से युक्त अवतार होनें की पुष्ठी अनेकों  अवसरों पर की है और अन्तः यह नाशवान शारीर छोड़े ने के  भी प्रमाण है ..! श्री कृष्ण ने भी अपना शरीर छोड़ दिया था ..!! सांई ने भी शरीर छोड़ दिया है .., हिदू दर्शन आत्मा को अमर होने और स्थूल शरीर का सूक्ष्म शरीर होनें की बात पहले से ही कहता आया है ! सत्य साई को भी जाना ही था .., सभी को मरना और फिरसे आना है ..! हमारी सच्ची सद्भावना यही हो की हम .., दृश्य जगत के अतिरिक्त अदृश्य जगत के अस्तित्व को स्वीकार करें और समय समय पर उन परम शक्तियों  के द्वारा दिखाए मार्ग पर चलें .., सम्पूर्ण सृष्टि का निर्माता एक है .., उसको अलग अलग नाम हमनें ही दिए हैं और हम ही बेकार में आपस में लड़ते रहते हैं ..! उसके लिए हर जीव उसकी संतान है ..! सच्ची भक्ति भी यही है कि समाज में सुधार के प्रयत्न करें ..!! एकता  सदभाव और समन्वय के प्रयत्न करें ..!!! ------ आजतक कि अभिव्यक्ति  http://aajtak.intoday.in/story आम आदमी से लेकर राष्ट्रपति तक उनके भक्तों में शामिल रहे हैं, लेकिन ...

सत्य साई बाबा का देहावसान

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श्री सत्य साईं बाबा ने रविवार २४ अप्रैल २०११ की सुबह देह त्याग दी। साईं बाबा का देहांत 24 अप्रैल को हुआ। इसे एक संयोग ही कहा जाएगा कि श्री सत्य साईं के परम भक्तों में से एक और क्रिकेट के महान खिलाड़ी सचिन तेंडुलकर का जन्म भी 24 अप्रैल को ही हुआ था। सचिन तेंडुलकर श्री सत्य साईं के देहावसान से इतने ज्यादा व्यथित हो गए कि उन्होंने रविवार सुबह से कुछ भी नहीं खाया और उन्होंने अपने आपको एक कमरे में बंद कर लिया। इतना ही नहीं सचिन के कमरे के बाहर डू नॉट डिस्टर्ब का बोर्ड भी लगा दिया गया था। इसके बाद सचिन ने काफी देर तक किसी से नहीं मिले और अकेले कमरे में बंद रहे। हालांकि बाद में वे बड़े दुखी मन से कमरे से बाहर निकले। सचिन अब अपने भगवान के अंतिम दर्शन के लिए पुट्टपर्थी जाएंगे। सचिन सत्य साईं के इतने बड़े भक्त थे कि वे अपने पॉकेट के अलावां किट बैग में भी  साईं की तस्वीर अपने साथ ही रखते थे। इस किट बैग में तिरंगे, परिवार और साईं की फोटो हमेशा रहती ही थी। गौरतलब है कि सचिन तेंडुलकर श्री सत्य साईं की बिगड़ रही सेहत से बेहद दुखी थे और उन्होंने शनिवार को ट्वीट किया था कि मैं श्री सत्य सा...