महात्मा गांधी के वध को लेकर स्वामी के उठाये सवालों की जांच में हर्ज क्या है
अरविन्द सिसौदिया 9414180151 महात्मा गांधी की हत्या का पहला प्रयास में २० जनवरी को एक बम गांधीजी पर फेंका जाने से होता है । गांधीजी बच जाते हैं। मगर बम फेंकने वाला मदनलाल पाहवा पकड़ा जाता है। गांधी जी की हत्या के प्रयास का पूरा प्लान एवं कारण दोनों ही सामनें आ जाते है। फिर भी नेहरू जी की सरकार की यह कैसी चूक थी कि 10 दिन बाद उसी स्थान पर गांधी जी की हत्या हो गई । इस नेग्लेजंसी की भी जबावदेही बनती है। वहीं स्वामी के प्रश्नों के जबाव खोजनें में क्या हर्ज है। हमारे राष्ट्रपिता की हत्या से जुडे और भी खुलाशे सामनें आ जाते हैं तो क्या हर्ज है। मेरा व्यक्तिगत मत है कि महात्मा गांधी के वध की असलियत को महान श्रृंगार में झुपा दिया है। महात्मा गांधी की हत्या पर चर्चा की जरूरत : सुब्रमण्यम स्वामी गांधी जी की हत्या की नए सिरे से जांच चाहते हैं सुब्रमण्यम स्वामी गांधी जी की हत्या की नए सिरे से जांच चाहते हैं सुब्रमण्यम स्वामी, कहा- क्यों नहीं हुई थी अटॉप्सी सुप्रीम कोर्ट पिछले साल ही एक आईटी प्रोफेशनल द्वारा द...