संदेश

रमजान में बलात्कार ? - उद्धव ठाकरे

चित्र
सबको रोटी दिख रही है, रमजान में मुसलमानों की ओर से किए गए बलात्कार नहीं: उद्धव ठाकरे नई दिल्ली, 25 जुलाई 2014 एक बार फिर अपने सांसदों का बचाव करते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने मुखपत्र सामना में छपे संपादकीय में सवाल किया है कि रमजान  महीने में कुछ मुसलमान युवक महिलाओं का बलात्कार करते हैं. इस घटना पर कोई कुछ क्यों नहीं कहता है. अंग्रेजी अखबार 'द इंडियन एक्सप्रेस' की खबर के मुताबिक, उद्धव ने संपादकीय में रोटी विवाद को तूल दिए जाने की बात की. उद्धव ठाकरे ने कहा, रोटी खिलाने वाले मामले को जबरदस्ती तूल दिया जा रहा है. रमजान महीने में कुछ मुस्लिम युवक महिलाओं के साथ बलात्कार करते हैं. सभी इस बारे में जानते हैं. मीडिया, राजनीतिक पार्टियां बलात्कार की इन घटनाओं पर तो शांत रहते हैं लेकिन रोटी मामले में नहीं. इस संपादकीय लेख में अफगानिस्तान और बेंगलुरु में हाल के दिनों में हुए बलात्कारों की लिस्ट भी दी गई है. मीडिया और नेताओं पर आरोप लगाते हुए उद्धव ठाकरे ने लिखा, मीडिया और स्वार्थी नेता इस घटना पर तो रोते दिखाई दे रहे हैं लेकिन उन्हें रमजान के पवित्र महीने में अफगा...

यूपी : 25 हजार में महिला हुई नीलाम

पुलिस को तुरंत मानव तस्करी में विक्रेता  को गिरफ्तार करना चाहिए  ---------- यूपी : 25 हजार में महिला हुई नीलाम  Jul 25 2014 लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बढती बलात्‍कार की घटना के बीच एक सनसनीखेज खबर मिल रही है. खबर है कि यूपी के बुंदेलखंड में एक महिला को नीलाम किया गया है. इस घटना ने यूपी में महिलाओं को स्थिति को उजागर करता है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि बुंदेलखंड के मंझगांव थाना क्षेत्र में एक महिला को 25 हजार में नीलाम कर दिया गया. बताया जा रहा है कि मंझगांव थाना क्षेत्र का गांव जराखर में दलित बस्‍ती का रहने वाला एक युवक ने ओडि़शा से एक महिला को लाया था. युवक ने उस महिला को वहां से खरीद कर लाया था. हद तो उस समय हो गयी कि जब उस युवक ने फिर से उस महिला को बेचने का प्रयास किया. इसके‍ लिए उसने कई लोगों से संपर्क किया. महिला को खरीदने के लिए कई लोग सामने आ गये. इस पर युवक ने महिला को बेचने के लिए नीलामी की घोषणा कर दी. सूत्रों के हवाले से खबर है कि गुरुवार को गांव में पचास लोगों के बीच महिला की बोली लगायी गयी. बताया जा रहा है कि नीलामी में एक दूसरे व्‍यक्ति ने...

करगिल विजय के 15 साल : शहीदों को याद

चित्र
नई दिल्ली: करगिल विजय के 15 साल पूरे होने पर द्रास में शहीदों को याद किया गया। इस दौरान सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने द्रास में बने वार मेमोरियल में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। भारतीय सेना के जवानों ने 26 जुलाई 1999 को करगिल लड़ाई में जीत हासिल की थी। सेना ने करगिल में घुस आई पाकिस्तानी सेना और घुसपैठियों को मार भगाया था। द्रास के वार मेमोरियल में शहीदों की याद में दिए जलाए जाएंगे। 26 जुलाई यानी शनिवार को करगिल विजय दिवस के मौके पर नई दिल्ली के इंडिया गेट पर सुबह करीब 9 बजे रक्षा मंत्री तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ करगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। वहीं द्रास सेक्टर में वार मेमोरियल में भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी, लेकिन शनिवार के कार्यक्रम में सेना प्रमुख वहां मौजूद नहीं होंगे। ------------ करगिल युद्ध: सचमुच भारत ने जंग जीती थी? --सुरेश एस डुग्गर--शुक्रवार, 25 जुलाई 2014 कारगिल में मिली सफलता आखिर विजय कैसी? अपनी ही धरती पर लड़े गए युद्ध में अपने ही इलाके को खाली करवाने में पाई गई कामयाबी को क्या फतह या विजय के नामों से पुकारा जाना चाहिए था? आखिर ऐसा क्यों ह...

छदम चहरे से आएगा : नव वामपंथ

छदम चहरे से आएगा : नव वामपंथ  किसी भी राष्ट्र की मौलिक संप्रभुता के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक वामपंथ ही होता है ! इसी लिए ये सफल होने के बाद भी दुनिया भर में विफल हो चूका है ! मगर इनका शासन सेना के बल पर अभी भी बहुत बड़े क्षेत्र   हुआ है । अब नए स्वरूप में ये फिर से पूरी दुनिया पर काबू पाना चाहता है । जनहित के नाम पर पूरी दुनिया में फैले विविध आंदोलनों के असली मकसदों को समझना होगा । इस लेख को पढ़ कर इनकी योजना को समझनें  की कोशिश करना चाहिए ।  ---------- नया वाम आयेगा By अचिन वनाइक 30/09/2013 http://visfot.com/index.php/current-affairs/10144 पिछले 30-35 सालों में दुनिया भर में राजनीति का ध्रुवीकरण दक्षिणपंथ की ओर हुआ है। नव-उदारवादी लोकतंत्र और नव-उदारवादी पूंजीवाद शब्द इसी क्रम में उपजे हैं। विकसित देशों में भी दक्षिणपंथी ताकतें आगे बढ़ी हैं। वहां जिन्हें सेंटर-लेफ्ट ताकतें कहा जाता था (जो कि पूंजीवाद में सुधार की बात करती थी) उनका भी दक्षिणपंथी शिफ्ट हुआ है। सोवियत संघ का विघटन एक दक्षिणपंथी बदलाव ही है। पूर्वी यूरोप में दक्षिणपंथी भी बदलाव हुआ। ची...

नरेंद्र मोदी : मत्रियों के सामने रखी अपनी विशलिस्ट

चित्र
  नरेंद्र  मोदी ने मत्रियों के सामने रखी अपनी विशलिस्ट Prabhat Khabar , Jul 22 2014 नयी दिल्लीः अच्छे दिनों के वादे से मिली अप्रत्याशित जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन वादों को न सार्थक करने में लगे हैं. अब आम लोग मोदी के उन वादों को याद कर रहे हैं जिसे मोदी ने अपने चुनावी सभा में और पार्टी ने अपने घोषणापत्र में किया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए अपने मंत्रियों को 17 प्वाइंट की विशलिस्ट सौंपी है. मोदी की 10 जुलाई को मंत्रियों को सौंपी गयी इस लिस्ट में कई ऐसी योजनाएं है जिसके लागू होने पर जनता बेहद खुश होगी. सरकार भी 100 दिनों के पूरे होने पर जनता को खुश करना चाहती है ऐसे में मोदी की विशलिस्ट पर मंत्रीगण कितना ध्यान देते है कबतक प्रधानमंत्री की इच्छाओं को पूरा करते हैं. यह देखने योग्य होगा.  मोदी  ने इस लिस्ट में जिन मांगों को रखा है उसमें महत्वपूर्ण रुप से पूरे देश में लोकल कॉल के बराबर एसटीडी कॉल रेट करना, सभी मामलों में टेंडर के लिए ई टेंडरिंक व्यवस्था लागू करना, सभी विभागों में लोक सेवा गारंटी के तहत कामकाज, सभी ज...

न्यायपालिका : क्या काटजू के सवालों के जबाव लाहोटी देंगे ?

चित्र
न्यायपालिका माने या ना  माने , गड़बड़ तो है ! पूरी कार्यप्रणाली पर गहरी जाँच और सुधार के तथ्य तय होने चाहिए । मार्कंडेय काटजू ने आरसी लाहोटी से पूछे छह अहम सवाल नई दिल्ली, एजेंसी 22-07-2014 http://www.livehindustan.com संप्रग सरकार के समय भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे एक न्यायाधीश को पद पर बने रहने देने को लेकर देश के तीन प्रधान न्यायाधीशों के अनुचित समझौते करने का आरोप लगाने वाले उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने आज इनमें से एक पूर्व प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) आरसी लोहाटी के समक्ष इस मुद्दे पर छह सवाल खड़े किए।   काटजू ने सवाल किया कि क्या अतिरिक्त न्यायाधीश के खिलाफ प्रतिकूल आईबी रिपोर्ट मिलने के बाद तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश लाहोटी ने तीन न्यायाधीशों वाले उच्चतम न्यायालय के कोलेजियम की बैठक नहीं बुलाई थी जिसमें वह खुद, न्यायमूर्ति वाईके सबरवाल और न्यायमूर्ति रूमा पाल शामिल थे तथा आईबी रिपोर्ट पर गौर करते हुए कोलेजियम ने भारत सरकार से अतिरिक्त न्यायाधीश का दो साल का कार्यकाल नहीं बढ़ाने की सिफारिश की थी। भारतीय प्रेस परिषद के अ...

कांग्रेस ने भ्रष्टाचार न्यायपालिका तक फैला दिया

चित्र
कांग्रेस ने भ्रष्टाचार  न्यायपालिका तक फैला दिया  ' सरकार बचाने के लिए भ्रष्ट जज को मिलता रहा प्रमोशन ' टाइम्स न्यूज नेटवर्क | Jul 21, 2014, मार्कंडेय काटजू (यह खुलासा सुप्रीम कोर्ट के जज और मद्रास हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रहे मार्कंडेय काटजू द्वारा किया गया है। वर्तमान में वह प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन हैं।) मद्रास हाई कोर्ट के एक जज के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे थे। उन्हें सीधे तौर पर तमिलनाडु में डिस्ट्रिक्ट जज के तौर पर नियुक्त कर दिया गया था। डिस्ट्रिक्ट जज के तौर पर इस जज के कार्यकाल के दौरान उनके खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट के विभिन्न पोर्टफोलियो वाले जजों ने कम-से-कम आठ प्रतिकूल टिप्पणियां की थीं। लेकिन मद्रास हाईकोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस ने अपनी कलम की ताकत से एक ही झटके में सारी प्रतिकूल टिप्पणियों को हटा दिया और यह जज हाई कोर्ट में अडिशनल जज बन गए। वह तब तक इसी पद पर थे, जब नवंबर 2004 में मैं मद्रास हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनकर आया। इस जज को तमिलनाडु के एक बहुत ही महत्वपूर्ण राजनीतिक नेता का समर्थन प्राप्त था। मुझे बताया गया कि ऐसा इस...

गत कांग्रेस सरकार ने शैक्षणिक अराजकता फैला दी - शिक्षा मंत्री सराफ

 गत कांग्रेस सरकार राजस्थान की जनता के लिए इतने गड्डे खोद कर गई है की उसे भरने में ही सैलून लग जाएँ Thursday, 17 July | 04:50:53 AM IST 28 हजार स्कूलों में तीस-तीस बच्चे भी नहीं जयपुर। शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ ने सदन में पिछली सरकार पर शैक्षणिक माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में स्कूलों के हालात यह है कि 28 हजार स्कूलों में शिक्षक तो 57 हजार से ज्यादा हैं, लेकिन बच्चों की संख्या प्रति स्कूल तीस भी नहीं है। प्रदेश के 142 स्कूल तो ऐसे हैं जहां 251 शिक्षक लगे हैं, लेकिन बच्चा एक भी नहीं हैं। शिक्षक यहां केवल अखबार पढ़ने आते हैं। उन्होंने कहा कि  एकीकरण करने से स्कूलों में शिक्षक पूरे उपलब्ध हो सकेंगे वहीं शिक्षा स्तर भी सुधरेगा। प्रश्नकाल के दौरान टोडाभीम विधायक घनश्याम ने स्कूलों के एकीकरण का मुद्दा उठाया था। इस पर अन्य विधायको ने भी कई सवाल किए। इनके जवाब में सराफ ने बताया कि पूर्व सरकार ने प्रदेश में शैक्षणिक अराजकता फैला दी। जिसके चलते प्रदेश में  हालात यह हैं कि 8164 स्कूलों में बच्चों की संख्या प्रति स्कूल 15 भी नहीं है, लेकिन शिक्षक यहां 14655 लग...

एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का कालाधन पकड़ा

कालाधन : एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का कालाधन पकड़ा Bhasha ,    जुलाई 16, 2014 नई दिल्ली: सरकार ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय का पता लगाया है। यह आंकड़ा आयकर विभाग द्वारा इससे पिछले वर्ष कालेधन का पता लगाने के लिए मारे गए छापों के दौरान जब्त राशि के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार आयकर विभाग ने मार्च में समाप्त वित्त वर्ष 2013-14 के दौरान तलाशी अभियान में 10,791.63 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाया जबकि इसी अवधि में देशभर में सर्वे ऑपरेशन में विभाग को 90,390.71 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला। आयकर विभाग की यह कार्रवाई व्यक्तियों, व्यावसायिक फर्मों, कंपनियों और अन्य वित्तीय संस्थानों के खिलाफ कर चोरी का पता लगाने के लिए की गई। विभाग की तलाशी और छापे के अभियान तथा सर्वे ऑपरेशन में कुल मिलाकर 1,01,181 करोड़ रुपये के कालेधन का पता लगाया गया। तलाशी अभियान में आयकर विभाग के अधिकारी किसी कंपनी के कार्यस्थल और आवास दोनों जगह छापा मारते हैं, जबकि सर्वे में अधिकारी केवल व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में ही तलाश...

जहाँ-जहाँ स्वयं प्रगट हुए शिवजी : बारह ज्योतिर्लिंग

चित्र
हिन्दू धर्म में पुराणों के अनुसार शिवजी जहाँ-जहाँ स्वयं प्रगट हुए उन बारह स्थानों पर स्थित शिवलिंगों को ज्योतिर्लिंगों के रूप में पूजा जाता है। ये संख्या में १२ है। सौराष्ट्र प्रदेश (काठियावाड़) में श्रीसोमनाथ, श्रीशैल पर श्रीमल्लिकार्जुन, उज्जयिनी (उज्जैन) में श्रीमहाकाल, ॐकारेश्वर अथवा अमलेश्वर, परली में वैद्यनाथ, डाकिनी नामक स्थान में श्रीभीमशङ्कर, सेतुबंध पर श्री रामेश्वर, दारुकावन में श्रीनागेश्वर, वाराणसी (काशी) में श्री विश्वनाथ, गौतमी (गोदावरी) के तट पर श्री त्र्यम्बकेश्वर, हिमालय पर केदारखंड में श्रीकेदारनाथ और  शिवालय में श्रीघुश्मेश्वर। - हिंदुओं में मान्यता है कि जो मनुष्य प्रतिदिन प्रात:काल और संध्या के समय इन बारह ज्योतिर्लिङ्गों का नाम लेता है, उसके सात जन्मों का किया हुआ पाप इन लिंगों के स्मरण मात्र से मिट जाता है। सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्। :उज्जयिन्यां महाकालमोङ्कारममलेश्वरम्॥1॥ परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशङ्करम्।:सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥2॥ वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे।:हिमालये तु केदारं घ...

भगवान विष्णु का दशावतार मंदिर : देवगढ़ उत्तर प्रदेश

चित्र
भगवान विष्णु का मंदिर दशावतार मंदिर, देवगढ़, उत्तर प्रदेश दशावतार मंदिर उत्तरी भारत का सबसे पुराना जाना माना मंदिर है और यह भगवान विष्णु को समर्पित है। ऐसा माना जाता है कि यह गुप्त काल में बना है। यह मंदिर अब बर्बादी की कगार पर है पर यहाँ आप भगवान विष्णु के दस अवतार के दर्शन कर सकते हैं और यही नहीं मंदिर के दरवाज़े पर आप गंगा और यमुना देवियों की नक्काशी की गयी है और वैष्णव पौराणिक कथाओं की पट्टी पर नक्काशी भी की गयी है। मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ती नर नारायण तपस्या के आकार में है और दूसरी मूर्ती है जिसमें वह एक नाग पर लेटे हैं। यह मंदिर हिन्दू श्रद्धालुओं को पूरे साल खासकर त्यौहार के समय भारी मात्रा में अपनी ओर आकर्षित करता है। उत्तरी भारत में स्थित यह पहला मंदिर है जिसमें शिकारा की सुविधा है जबकि अब काफी कुछ विलुप्त होता जा रहा है। ----------- देवताओं का गढ़ – देवगढ़ (उत्तर प्रदेश) ललितपुर से हमें गाड़ी पकड़नी थी जो पाँच घंटे विलंब से आने वाली थी. वहीं बैठे रहते तो रात आठ बजने वाले थे. हम तो दिन के बारह बजे के पहले ही पहुँच गये थे. हमने सोचा कि अब क्या करें. भला ह...